करीब १० दिन बाद फिर शुरू हुई शिलचर-साइरंग यात्री ट्रेन सेवा, यात्रियों को मिली राहत
प्रीतम दास हाइलाकांदी, १२ सितंबर: करीब १० दिनों तक बंद रहने के बाद आखिरकार शिलचर-साइरंग रेल मार्ग पर यात्री ट्रेन सेवा फिर से शुरू हो गई है। शनिवार को शिलचर से मिजोरम के साइरंग के लिए पहली यात्री ट्रेन रवाना होने के साथ ही इस महत्वपूर्ण रेल संपर्क के धीरे धीरे सामान्य होने की उम्मीद जगी है। ट्रेन सेवा दोबारा शुरू होने से बराक घाटी और मिजोरम के बीच आवागमन करने वाले आम यात्रियों में राहत की भावना देखी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भैरवी चराईबक क्षेत्र में रेल पटरियों पर भूस्खलन के कारण पिछले कई दिनों से इस मार्ग पर ट्रेन परिचालन बाधित था। स्थिति से निपटने के लिए रेलवे प्राधिकरण ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया। लगातार मरम्मत सुरक्षा जांच और निरीक्षण के बाद आखिरकार यात्री ट्रेन सेवा को पुनः शुरू करना संभव हो सका। रेल संपर्क बाधित रहने के कारण साइरंग से चलने वाली कई ट्रेनों की सेवाएं रद्द करनी पड़ी थीं। इसके चलते मिजोरम और बराक घाटी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मजबूरन कई यात्रियों को अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करके सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ी।
विशेष रूप से सैरांग से गुवाहाटी कोलकाता और आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को काफी परेशानी हुई। रेल सेवा बंद रहने के दौरान इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए कई यात्रियों को हाइलाकांदी आकर ट्रेन पकड़नी पड़ी। साइरंग से हाइलाकांदी की दूरी करीब ११४ किलोमीटर होने के कारण अतिरिक्त यात्रा से यात्रियों का न केवल समय बर्बाद हुआ बल्कि आर्थिक खर्च भी बढ़ गया। हालांकि शिलचर-साइरंग यात्री ट्रेन सेवा फिर से शुरू होने से यात्रियों की यह परेशानी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। लंबे इंतजार के बाद रेल संपर्क सामान्य होने से यात्रियों में राहत का माहौल है। उनका मानना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर साइरंग से गुवाहाटी कोलकाता और आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं भी पहले की तरह निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होने लगेंगी। यदि पहले की तरह साइरंग से ही लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो जाती है तो यात्रियों को हाइलाकांदी तक अतिरिक्त करीब ११४ किलोमीटर की यात्रा करने की परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी। इससे यात्रा का समय और अतिरिक्त परिवहन खर्च भी कम होगा। रेल सेवा धीरे धीरे सामान्य होने से बराक घाटी और मिजोरम के बीच संपर्क व्यवस्था और अधिक सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही आम लोगों ने मांग की है कि भविष्य में प्राकृतिक आपदा या रेल मार्ग पर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर यात्री ट्रेन सेवाएं लंबे समय तक बाधित न रहें। इसके लिए त्वरित मरम्मत के साथ साथ स्थायी और प्रभावी निवारक उपाय भी किए जाने चाहिए। अब बराक घाटी और मिजोरम के रेल यात्रियों की नजर इस बात पर टिकी है कि साइरंग से गुवाहाटी कोलकाता और आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें पहले की तरह अपने निर्धारित समय पर फिर से चलना शुरू करती हैं या नहीं।