गोलाघाट में जंगली हाथी के गले से कई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला गया टायर

गोलाघाट: असम के गोलाघाट जिले में वन विभाग की टीम ने कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक जंगली हाथी के गले में फंसा टायर सुरक्षित रूप से निकाल लिया। अधिकारियों ने बुधवार, १० सितंबर को इसकी जानकारी दी।

हाथी को दिन में मोरोंगी क्षेत्र के बोकियल वन ब्लॉक में देखा गया था। उसके गले में एक बड़ा टायर फंसा हुआ था। यह इलाका मानव-हाथी संघर्ष की लगातार सामने आ रही घटनाओं के लिए जाना जाता है।

हाथी की परेशानी की जानकारी मिलने के बाद खुमटाई के विधायक मृणाल सैकिया ने वरिष्ठ वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।

वनकर्मियों ने पूरे दिन हाथी की गतिविधियों और स्वास्थ्य की निगरानी की तथा उसकी स्थिति का आकलन किया। शाम को हाथी को बेहोश करने के बाद टीम ने बेहद सावधानीपूर्वक उसके गले में फंसे टायर को निकाल दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान हाथी को किसी तरह की चोट नहीं आई।

असम के पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने कहा कि हाथी के गले में टायर फंसे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गई थीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों ने हाथी और वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अत्यंत सावधानी के साथ बचाव अभियान चलाया।

मंत्री ने रेस्क्यू अभियान में शामिल वनकर्मियों की तत्परता, साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए टीमों का प्रयास सराहनीय है।

विधायक मृणाल सैकिया ने स्थानीय लोगों से शांत रहने और हाथी के करीब नहीं जाने या उसे परेशान नहीं करने की अपील की थी, क्योंकि जानवर पहले से ही परेशानी में था।

एक वन अधिकारी के अनुसार, हाथी के गले में फंसा टायर संभवतः किसी ट्रैक्टर का था, जिसे जंगल में छोड़ दिया गया होगा। आशंका है कि हाथी ने जिज्ञासावश उसे अपनी सूंड से उठाया और बाद में टायर उसके गले में फंस गया।

Leave a Comment