शिलकुड़ी, 8 सितंबर: कछार जिले के शिलकुड़ी में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अंतर्गत शिक्षा विकास परिषद, दक्षिण असम प्रांत द्वारा संचालित सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालय की स्थापना के उद्देश्य से मंगलवार, 8 सितंबर को शिलकुड़ी स्थित NIVT Institute में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। स्थानीय विभिन्न गांवों के नागरिकों एवं विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र से ही शिलकुड़ी में विद्यालय का शुभारंभ करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता मनींद्र चंद्र दास ने की। बैठक में शिक्षा विकास परिषद, दक्षिण असम प्रांत के अध्यक्ष नीहारेंद्र धर, परिषद के सचिव डॉ. दीपंकर पाल, संगठन मंत्री महेश भागवत, NIT के प्रोफेसर डॉ. बिप्लव दास, अरुरेंद्र मिश्र सहित अन्य विशिष्ट व्यक्ति एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या निकेतन की शिक्षा-दृष्टि एवं उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि इन विद्यालयों में औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के नैतिक, मानसिक, शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना इस शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है।
दक्षिण असम प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या निकेतन पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिलकुड़ी में इस प्रकार के विद्यालय की स्थापना होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, मूल्य-आधारित एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त करने के अवसर में और वृद्धि होगी, ऐसी आशा बैठक में व्यक्त की गई। विद्यालय की स्थापना के निर्णय से स्थानीय लोगों में भी खुशी एवं उत्साह का माहौल है।
विद्यालय के संचालन एवं समस्त गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से बैठक में 13 सदस्यीय प्रबंधन समिति का गठन किया गया। समिति के अध्यक्ष के रूप में पृथ्वीराज ग्वाला तथा उपाध्यक्ष के रूप में माधव चंद्र दास का चयन किया गया। सचिव के रूप में प्रशेन्जित दास, सह-सचिव के रूप में प्रशांत कुमार राय तथा कोषाध्यक्ष के रूप में विजय दास ने दायित्व ग्रहण किया। इनके साथ अन्य सदस्यों को मिलाकर कुल 13 सदस्यीय प्रबंधन समिति का गठन किया गया।
बैठक के अंत में आगामी शैक्षणिक सत्र में शिलकुड़ी में विद्या भारती सरस्वती विद्या निकेतन का शुभारंभ सुनिश्चित करने के लिए सभी ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। नए विद्यालय की स्थापना के इस प्रयास को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही व्यापक उत्साह, खुशी एवं उम्मीद का माहौल बना हुआ है।