उधारबंद में ‘हर घर मुस्कान’ का स्वच्छता अभियान, युवाओं ने दिया सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
उधारबंद, 6 सितंबर। प्रेरणा भारती के लिए नीहार कांति राय की रिपोर्ट।
मोबाइल की नीली रोशनी में सिमटती युवा पीढ़ी के बीच उधारबंद के कुछ युवा-युवतियों ने सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता की एक प्रेरक मिसाल पेश की है। हाथों में मोबाइल के बजाय झाड़ू लेकर उन्होंने सड़क किनारे जमा कचरे की सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
युवाओं की इस पहल का नेतृत्व सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘हर घर मुस्कान’ के बैनर तले किया गया। संस्था का उद्देश्य उधारबंद क्षेत्र के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ युवाओं में मानवीय मूल्यों, सामाजिक दायित्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
रविवार सुबह संस्था के सदस्य स्वच्छता अभियान में जुट गए। कालीबाड़ी रोड से उधारबंद थाना तक सड़क के दोनों किनारों पर लंबे समय से जमा कूड़े-कचरे को युवाओं ने स्वयं श्रमदान कर साफ किया। अभियान को केवल सफाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि एक वाहन की व्यवस्था कर एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर ले जाकर उसका निस्तारण भी किया गया।
संस्था के सदस्य विकी दास ने ‘प्रेरणा भारती’ के उधारबंद प्रतिनिधि नीहार कांति राय से बातचीत में बताया कि उधारबंद तेजी से विकसित और आबादी वाला क्षेत्र बन रहा है। विशेषकर बस स्टैंड, कालीबाड़ी रोड और बाजार क्षेत्र में सड़क के किनारे अक्सर कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं। इससे दुर्गंध फैलने के साथ-साथ पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। लोगों को इस समस्या के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।
विकी दास ने कहा कि केवल एक दिन का स्वच्छता अभियान चलाने से स्वच्छ उधारबंद का निर्माण संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक भागीदारी और निरंतर जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से अपील की कि वे दुकानों का कचरा सड़क किनारे न फेंकें तथा डस्टबिन का नियमित उपयोग करें। साथ ही उन्होंने आम लोगों से भी दूसरों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
युवाओं के इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों या बड़े अभियानों की आवश्यकता नहीं होती। थोड़ा श्रम, जिम्मेदारी की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता भी बदलाव की मजबूत शुरुआत बन सकती है।
‘हर घर मुस्कान’ के युवा सदस्यों ने इस अभियान के माध्यम से न केवल सड़क से कचरा हटाया, बल्कि सामाजिक उदासीनता के खिलाफ भी एक सार्थक संदेश दिया। उनका यह प्रयास बताता है कि युवा शक्ति यदि सामाजिक सरोकारों के साथ आगे बढ़े तो वह अपने भविष्य के साथ-साथ पूरे समाज के भविष्य को भी बेहतर दिशा दे सकती है।
उधारबंद में युवाओं की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। जागरूक लोगों का मानना है कि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहे तो अन्य युवा भी सामाजिक कार्यों के लिए आगे आएंगे और स्वच्छ एवं सुंदर उधारबंद के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।