डिब्रूगढ़: ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलिमर लिमिटेड (बीसीपीएल) ने बुधवार को अपने संयंत्र में लेवल-३ आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने के साथ-साथ बड़ी औद्योगिक आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना था।
मॉक ड्रिल का आयोजन प्रोपलीन ट्रांसफर पंप क्षेत्र में किया गया। इसमें पंप के डिस्चार्ज-हेडर फ्लैंज से बड़ी मात्रा में प्रोपलीन गैस के रिसाव और उसके बाद आग लगने की स्थिति का कृत्रिम परिदृश्य तैयार किया गया।
अभ्यास का आयोजन जिला प्रशासन, राज्य पुलिस बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के समन्वय से किया गया। इसमें विभिन्न पारस्परिक सहायता साझेदार संस्थानों ने भी भाग लिया, जिनमें ऑयल इंडिया, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), असम गैस कंपनी लिमिटेड (एजीसीएल), असम पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीजीसीएल), ऑयल मैक्स, डिब्रूगढ़ नेचुरल गैस पाइपलाइन लिमिटेड (डीएनपीएल), ओएनजीसी, केयर्न-वेदांता, नीपको और असम अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं शामिल थीं।
मॉक ड्रिल के दौरान बीसीपीएल की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने विभिन्न आपदा प्रबंधन उपायों का प्रदर्शन किया। इनमें वॉटर कर्टेन के माध्यम से गैस के प्रसार को नियंत्रित करना, अग्निशमन, खोज एवं बचाव अभियान, समन्वित निकासी तथा चिकित्सीय सहायता शामिल रहे।
अभ्यास के दौरान बीसीपीएल और भाग लेने वाली विभिन्न एजेंसियों के बीच संचार एवं समन्वय का आकलन किया गया। साथ ही आपातकालीन उपकरणों, संसाधनों और बचाव एवं प्रतिक्रिया तकनीकों की प्रभावशीलता की भी समीक्षा की गई।
मॉक ड्रिल में बीसीपीएल के वरिष्ठ अधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सीआईएसएफ कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी एजेंसियों और पारस्परिक सहायता साझेदारों की संयुक्त प्रतिक्रिया ने संयंत्र कर्मियों, पर्यावरण और औद्योगिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
इस सफल अभ्यास से प्रतिभागियों को बड़े हाइड्रोकार्बन रिसाव के बाद आग लगने जैसी गंभीर औद्योगिक आपात स्थिति से निपटने का व्यावहारिक अनुभव मिला। साथ ही इसने सक्रिय आपातकालीन तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय के महत्व को भी और मजबूत किया।