राजभाषा हिंदी भारत की भाषाई विविधता को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है– कुलपति प्रो. के. एन. सिंह, सीयूएसबी 

अनिल मिश्र/ पटना 

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) 

के राजभाषा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित हिंदी माह का शुभारंभ कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने दीप प्रज्‍ज्‍वलन करके किया । अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति महोदय ने हिंदी को भारत की भाषाई विविधता को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी बताते हुए इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।अपने संबोधन में प्रो.  सिंह ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बीच समन्वय स्थापित करने वाली भाषा है। हिंदी की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सहजता, सरलता और अन्य भाषाओं को आत्मसात करने की क्षमता है। हिंदी ने समय के साथ भारत की विभिन्न भाषाओं और बोलियों के शब्दों को अपने भीतर समाहित करते हुए स्वयं को निरंतर समृद्ध किया है। यही विशेषता हिंदी को जन-जन से जोड़ती है और इसे व्यापक स्वीकार्यता प्रदान करती है। इस बीच उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता हमारी पहचान और शक्ति है। हिंदी को बढ़ावा देने का अर्थ किसी अन्य भारतीय भाषा को कमतर आंकना नहीं, बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को मजबूत करना है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिक अवसरों तक सीमित न रखते हुए कार्यालयीन कार्यों और दैनिक जीवन में भी सहज रूप से करने का आह्वान किया।इस बीच सीयूएसबी के कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और शोध का केंद्र ही नहीं, बल्कि भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों एवं कर्मियों में हिंदी के प्रति रुचि, आत्मीयता और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं कार्यक्रम का संचालन हिंदी अधिकारी डॉ. मनीषा तिवारी ने किया। उन्होंने हिंदी माह के आयोजन की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, वित्त अधिकारी श्रीमती रश्मि त्रिपाठी, परीक्षा समन्वयक श्री शांति गोपाल पाईन, उप कुलसचिव श्री प्रतीश कुमार दास, उप कुलसचिव श्री कुमार कौशल, श्री अमित कुमार सहायक कुलसचिव, श्री शशि रंजन सहायक कुलसचिव, डॉ० मनीषा तिवारी हिन्‍दी अधिकारी, श्रीमती सरिता मिश्रा हिन्‍दी अनुवादक, श्री हिटलर प्रसाद हिंदी टंकक सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं सभी कर्मयोगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में हिंदी अनुवादक श्रीमती सरिता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। हिंदी माह के शुभारंभ के साथ विश्वविद्यालय परिसर में राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता, जागरूकता और उसके व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।हिंदी माह के दौरान विश्वविद्यालय में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं, व्याख्यानों एवं अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।

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