डिब्रूगढ़ प्रशासन ने स्लश/तरल गुड़ की अनधिकृत बिक्री और खरीद पर लगाई रोक

डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन ने जिले में स्लश/तरल गुड़ की अनधिकृत बिक्री, खरीद, भंडारण, परिवहन तथा थोक एवं खुदरा वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने यह कदम स्लश/तरल गुड़ के अवैध शराब के निर्माण और कारोबार में कथित रूप से इस्तेमाल किए जाने की शिकायतों के मद्देनजर उठाया है।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रांजल बरुआ, एसीएस ने २८ अगस्त को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), २०२३ की धारा १६३ के तहत यह निषेधाज्ञा जारी की। आदेश में कहा गया है कि आबकारी विभाग ने डिब्रूगढ़ में अवैध शराब के निर्माण और आसवन में स्लश/तरल गुड़ को प्रमुख कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी है।

प्रशासन के अनुसार, ऐसी जहरीली अवैध शराब का सेवन मानव जीवन, जनस्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर एवं तत्काल खतरा पैदा करता है। अवैध रूप से रखे जाने और लाली गुड़ के कारोबार पर कड़ी निगरानी की मांग को लेकर विभिन्न सार्वजनिक संगठनों की ओर से मिले प्रतिवेदनों के बाद भी यह कार्रवाई की गई।

आदेश के तहत जिला प्रशासन की पूर्व लिखित अनुमति के बिना स्लश/तरल गुड़ की खुले तौर पर बिक्री, खरीद, भंडारण तथा थोक या खुदरा वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

हालांकि, पशु आहार, कृषि एवं औद्योगिक उपयोग सहित वैध उद्देश्यों के लिए स्लश/तरल गुड़ की आवश्यकता रखने वाले व्यक्ति, व्यापारी और संस्थाएं जिला प्रशासन से स्पष्ट पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।

अनुमति प्राप्त भंडारकों, परिवहनकर्ताओं और विक्रेताओं को खरीद, परिवहन और बिक्री से संबंधित पूरा विवरण दर्ज करने के लिए उचित रजिस्टर बनाए रखना होगा। आबकारी विभाग या पुलिस अधिकारियों द्वारा मांग किए जाने पर इन अभिलेखों को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता और तत्काल आवश्यकता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और जारी होने की तारीख से साठ दिनों तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि इसे इससे पहले वापस नहीं लिया जाता या इसकी अवधि बढ़ाई नहीं जाती।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), २०२३ की धारा २२३ के तहत कड़ी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, लागू अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

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