“महिलाएं कभी भी पुरुषों से कमतर नहीं हो सकतीं”: चंदन फूकन

डिब्रूगढ़: महिलाओं का स्थान कभी भी पुरुषों से निम्न नहीं हो सकता और प्रतिभा का कोई लिंग नहीं होता। यह बात अमोलापट्टी एम.वी. स्कूल के प्रधानाध्यापक तथा डिब्रूगढ़ जिला श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित चंदन फूकन ने शुक्रवार को अमोलापट्टी एम.वी. स्कूल में आयोजित जनजागरण सभा में कही।

सभा को संबोधित करते हुए फूकन ने परिवार की तुलना एक भवन से करते हुए कहा कि यदि पुरुष परिवार का खंभा है तो महिला उसकी नींव है। उन्होंने कहा, “खंभा कितना भी ऊंचा क्यों न हो, नींव के बिना वह खड़ा नहीं रह सकता।”

भारतीय परंपरा और इतिहास का उल्लेख करते हुए फूकन ने प्राचीन उक्ति “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख किया और कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव सम्मानजनक स्थान दिया गया है। उन्होंने मूलागाभरू, जयमती और कनकलता जैसी ऐतिहासिक महिलाओं के योगदान और बलिदान को भी याद किया।

फूकन ने कहा कि महिलाओं ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी असाधारण क्षमता, साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने आधुनिक भारत में विज्ञान और अंतरिक्ष अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिला वैज्ञानिकों का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित की है।

हाल में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए फूकन ने कहा कि महिला अधिकारियों की भागीदारी ने यह साबित किया है कि महिलाएं राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभाने में सक्षम हैं। उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह का उल्लेख किया, जिन्होंने अभियान से संबंधित सार्वजनिक ब्रीफिंग में भारतीय सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व किया था।

फूकन ने कहा, “दुनिया के लिए संदेश स्पष्ट था—भारत में महिलाएं पुरुषों से पीछे नहीं हैं, बल्कि उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं और कई बार आगे बढ़कर नेतृत्व भी करती हैं।” उन्होंने दोहराया कि “प्रतिभा का कोई लिंग नहीं होता।”

उन्होंने अभिभावकों से बेटियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला रथ के दो पहियों के समान हैं। यदि एक पहिया छोटा होगा तो रथ सही ढंग से आगे नहीं बढ़ सकेगा। दोनों को समान होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका अल्पना चुतिया ने बच्चों की व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से घर पर ही बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। सहायक शिक्षिका निपुज्योति गोगोई ने कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में बरबरुआ प्राथमिक शिक्षा खंड की आर.पी. योगिता दास, शिक्षिकाएं कल्याणी दास, जेनेवा शर्मा, मामोनी बोरा, जुतिका शर्मा और नीलिमा चकांगकोटी, कर्मचारी जोगेन दास एवं संजुक्ता दास, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य तथा सौ से अधिक अभिभावक उपस्थित थे।

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