कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद अपर्णा बेगम का पलटवार, CLF पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप

बड़खोला, 28 अगस्त: बड़खोला विकास खंड के अंतर्गत असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (ASRLM) से संबद्ध बड़खला महिला जागरण सीएलएफ के पदाधिकारियों की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी और 15 दिनों के अल्टीमेटम के बावजूद विजयपुर की स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य अपर्णा बेगम बड़ा भुइयां ने गुरुवार को पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए।

विजयपुर में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में अपर्णा बेगम बड़ा भुइयां ने सीएलएफ की सचिव संगीता सिंह और अध्यक्ष शांता साहू पर वित्तीय अनियमितता तथा मनमाने रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए जालसाजी और गलत जानकारी देकर हस्ताक्षर कराने के आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं।

अपर्णा बेगम ने आरोप लगाया कि संगठन के भीतर कथित वित्तीय पारदर्शिता की कमी तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी गरीब महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे उठाने के कारण उन्हें चुप कराने के लिए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। उन्होंने सीएलएफ पदाधिकारियों द्वारा दिए गए 15 दिनों के अल्टीमेटम को भी खारिज करते हुए कहा कि न्यायसंगत अधिकार और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी तथा किसी भी तरह की कानूनी धमकी से वह पीछे नहीं हटेंगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संगठन में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अपर्णा बेगम की इस पलटवार वाली पत्रकार वार्ता के बाद बड़खोला और विजयपुर क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर सीएलएफ पदाधिकारियों द्वारा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, वहीं दूसरी ओर अपर्णा बेगम ने अपने आरोपों पर कायम रहते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। अब दोनों पक्षों के बीच जारी विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

पत्रकार सम्मेलन में जीवन साथी एसएचजी की सदस्य अपर्णा बेगम बड़ा भुइयां के अलावा सुमना बेगम लस्कर, हलीमा खातून बड़ा भुइयां, तापसी बर्मन, शाहनारा बेगम लस्कर, अकतारा बेगम बड़ा भुइयां, आसमा खातून लस्कर, नाजमा बेगम लस्कर, रत्ना बर्मन सहित अन्य सदस्य उपस्थित थीं।

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