24 अगस्त, 2026 आचार्य राममूर्ति त्रिपाठी स्मृति व्याख्यान में ‘उद्भट’ के साहित्यिक अवदान पर होगा विमर्श

उज्जैन: प्रख्यात मनीषी एवं साहित्य-समीक्षक आचार्य राममूर्ति त्रिपाठी की स्मृति में यहां मंगलवार को आयोजित व्याख्यान में संस्कृत के प्रख्यात विद्वान एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति आचार्य राघवल्लभ त्रिपाठी ‘उद्भट : उत्कृष्ट​ कवि और उद्भट आचार्य’ विषय पर व्याख्यान देंगे।

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के हिंदी अध्ययनशाला और प्रातिशाख्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्मृति व्याख्यान की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं वरिष्ठ विद्वान आचार्य बालकृष्ण शर्मा करेंगे। कार्यक्रम दोपहर दो बजे विश्वविद्यालय के वाग्देवी भवन स्थित हिंदी अध्ययनशाला में होगा।

आयोजकों के अनुसार, इस अवसर पर प्रातिशाख्य ग्रंथशाला के प्रथम उन्नेष के रूप में प्रकाशित आचार्य राममूर्ति त्रिपाठी की चर्चित कृति ‘भारतीय साहित्य-दर्शन’ के पुनर्नवा संस्करण का लोकार्पण भी किया जाएगा।

आचार्य राममूर्ति त्रिपाठी हिंदी एवं संस्कृत साहित्य, भारतीय काव्यशास्त्र और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनकी विद्वत्ता का प्रमुख केंद्र भारतीय साहित्य-परंपरा, काव्यशास्त्रीय चिंतन और भारतीय दर्शन के अंतर्संबंध रहे।

आयोजकों ने बताया कि स्मृति व्याख्यान का उद्देश्य आचार्य त्रिपाठी की वैचारिक एवं साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी के अध्येताओं और शोधार्थियों तक पहुंचाना तथा भारतीय साहित्य-दर्शन के विभिन्न पक्षों पर अकादमिक विमर्श को आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम में ​साहित्य, संस्कृत, हिंदी और भारतीय दर्शन से जुड़े विद्वानों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों के शामिल होने की संभावना है।

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