पीएम आवास योजना से वंचित होने की आशंका, कालीबाड़ी जीपी में चाय जनजाति के पात्र परिवारों का नहीं हुआ जियोटैग

काठीघोड़ा, 23 अगस्त: प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत पात्र गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से जियोटैग और सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय पर कराई जाती है। लेकिन काछाड़ जिले के काठीघोड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कालीबाड़ी ग्राम पंचायत में कथित रूप से जियोटैग नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में गरीब परिवार, विशेषकर चाय जनजाति समुदाय के लोग, आवास योजना के लाभ से वंचित होने की आशंका में हैं।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में कलाइन ब्लॉक सहित पूरे असम में जियोटैग के माध्यम से बड़ी संख्या में पात्र गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला था। उस चरण की अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 में समाप्त होने के बाद सरकार ने वर्ष 2026 में नए सिरे से जियोटैग करने का निर्देश जारी किया था।

सरकारी निर्देश के अनुसार कालाइन ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जियोटैग की प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, आरोप है कि इस प्रक्रिया में चाय जनजाति समुदाय के कई पात्र परिवार छूट गए। इसके बाद सरकार ने अगस्त महीने में विशेष रूप से छूटे हुए पात्र चाय जनजाति परिवारों को दोबारा जियोटैग कराने का अवसर दिया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अन्य ग्राम पंचायतों में इस विशेष अवसर का लाभ उठाते हुए पात्र परिवारों का दोबारा जियोटैग किया गया, लेकिन कालीबाड़ी ग्राम पंचायत में यह प्रक्रिया नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति की कथित लापरवाही के कारण निर्धारित समय के भीतर जियोटैग का कार्य पूरा नहीं किया गया।

बताया जा रहा है कि सरकार का संबंधित पोर्टल 18 अगस्त को बंद हो गया। इसके चलते अब छूटे हुए परिवारों के लिए नए सिरे से जियोटैग कराने का अवसर उपलब्ध नहीं है। इससे कालीबाड़ी ग्राम पंचायत के अनेक वास्तविक रूप से गरीब और पात्र परिवारों के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रह जाने की आशंका बढ़ गई है।

इस संबंध में क्षेत्रीय पंचायत सदस्य रेखा ग्वाला से पूछे जाने पर उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कालीबाड़ी ग्राम पंचायत में कोई जियोटैग नहीं किया गया।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब सरकार ने वर्ष 2026 में नए सिरे से जियोटैग का निर्देश जारी किया था और बाद में छूटे हुए चाय जनजाति के पात्र परिवारों के लिए अगस्त में विशेष अवसर भी उपलब्ध कराया था, तो कालीबाड़ी ग्राम पंचायत में इस अवसर का लाभ क्यों नहीं उठाया गया?

ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही जियोटैग के अभाव में योजना से छूट गए पात्र परिवारों के लिए मानवीय और प्रशासनिक आधार पर विशेष व्यवस्था कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग भी की है।

Leave a Comment