नाले के पानी से प्यास बुझाने को मजबूर 50 परिवार, शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे धलछड़ा के लोग

काठीघोड़ा, 23 अगस्त। भीषण गर्मी के बीच शुद्ध पेयजल के संकट ने कछार जिले के काठीघोड़ा विधानसभा क्षेत्र के धोलछोड़ा बीएसएफ कैंप के निकट रहने वाले करीब 50 परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थानीय लोग सड़क के कलवर्ट के नीचे बहने वाले नाले के दूषित पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यही दूषित पानी पीने के साथ-साथ दैनिक जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे विशेषकर बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायत सामने आ रही है। भीषण गर्मी में सुरक्षित पेयजल के अभाव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है और इस संबंध में जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि काठीघोड़ा के विधायक कमलाक्ष दे पुरकायस्थ की ओर से क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी उन्हें लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। उनका सवाल है कि यदि केवल 50 परिवारों के लिए सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करने में इतना समय लग रहा है, तो जनप्रतिनिधियों के आश्वासन का लाभ आखिर कब मिलेगा।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर धोलछोड़ा बीएसएफ कैंप के निकट सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

भीषण गर्मी में करीब 50 परिवारों का नाले के दूषित पानी पर निर्भर रहना क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या के समाधान के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाते हैं।

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