।। लखीमपुर के बासुदेव कल्याण ट्रस्ट में उमड़ा आस्था का सैलाब, गूंजा हर-हर महादेव का जयघोष।।
श्रावण की पावन बेला पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा बासुदेव कल्याण ट्रस्ट परिसर… मंत्रोच्चार से गूंजता वातावरण और श्रद्धा से नतमस्तक श्रद्धालु। भगवान बासुदेव मंदिर में माहेश्वरी महिला संगठन, उत्तर लखीमपुर शाखा की ओर से शिव परिवार की प्राणप्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर भव्य सामूहिक रुद्राभिषेक एवं श्रावण वन भोज का आयोजन किया गया।
सामूहिक रुद्राभिषेक में रंगानदी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ऋषिराज हजारिका भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान बासुदेव और भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर रुद्राभिषेक किया और क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
विधायक का भावपूर्ण संदेश—“पहचान सबसे पहले सनातनी की”
कार्यक्रम के बाद आयोजित सभा में विधायक ऋषिराज हजारिका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। सनातन संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को आज से ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और उनके संस्कारों को लेकर गंभीरता से विचार करना होगा।
उन्होंने कहा कि केवल मंदिर और नामघर बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने बच्चों को संस्कार देकर उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है।
विधायक ने स्वयं को पहले सनातनी बताते हुए कहा कि उनकी पहचान किसी पद से पहले सनातन संस्कृति से जुड़ी हुई है।
“सनातन संस्कृति सभी के मंगल की कामना करती है”
विधायक ने कहा कि सनातन समाज की महान परंपरा रही है कि वह केवल अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा की कामना नहीं करता, बल्कि दूसरे धर्मों और आस्थाओं के सुरक्षित रहने की भी प्रार्थना करता है।
उन्होंने रंगानदी विधानसभा क्षेत्र को आने वाले समय में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
बहन-बेटियों की सुरक्षा पर विधायक का कड़ा संदेश
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर विधायक हजारिका ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि रंगानदी विधानसभा क्षेत्र में बहन-बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
“असम सभी का है, संस्कृति के साथ आगे बढ़ना होगा”
असम में लंबे समय से रह रहे मारवाड़ी, बिहारी एवं अन्य हिंदीभाषी समाज का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि कई पीढ़ियों से असम में रहने वाले लोगों को ‘अनासमिया’ कहना उचित नहीं है। उन्होंने सभी समाजों से असम की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अपनी मूल संस्कृति एवं परंपराओं को भी सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन नंदकिशोर वजाज ने किया। मंच पर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष रामेशर तापड़िया, महिला संगठन की अध्यक्ष श्रीमती सरिता तपड़िया, पूर्वोत्तर के उपाध्यक्ष मानिकलाल दमानी तथा पूर्वोत्तर के कोषाध्यक्ष नंदकिशोर राठी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में महिला संगठन की उपाध्यक्ष श्रीमती बबीता तोषनीवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
सामूहिक रुद्राभिषेक के पश्चात आयोजित श्रावण वन भोज में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक एकता से सराबोर इस आयोजन ने पूरे बासुदेव कल्याण ट्रस्ट परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
हर-हर महादेव के जयघोष के साथ यह आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति, संस्कार और सामाजिक एकता का भावपूर्ण संदेश भी दे गया।