शिवसागर में 3 दिवसीय पशु स्वास्थ्य शिविर संपन्न, 1050 से अधिक पशुधन का उपचार।।
शिवसागर: बाढ़ से प्रभावित शिवसागर जिले में पशुधन की सेहत और पशुपालकों की आजीविका बचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। 15 से 17 अगस्त तक निमाइजां, गेलकी, गढ़भंगा-दिसांगमुख और जाजी क्षेत्रों में आयोजित तीन दिवसीय पशु स्वास्थ्य जांच एवं राहत शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शिविर के दौरान 1,050 से अधिक गाय, भैंस, बकरी, सूअर, बत्तख और मुर्गियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। बीमार पशुओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक दवाइयां और उपचार उपलब्ध कराया गया, वहीं पशुपालकों को पशुधन की देखभाल और रोगों से बचाव के संबंध में चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।
पशुपालकों को मिला इलाज के साथ पोषण का सहारा
बाढ़ के कारण पशु आहार की कमी से जूझ रहे परिवारों को अमूल कैटल फीड और खनिज मिश्रण वितरित किया गया। इससे पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य को बनाए रखने में प्रभावित पशुपालकों को तत्काल राहत मिली।
कई संस्थाओं ने मिलकर निभाई जिम्मेदारी
यह जनकल्याणकारी अभियान लखीमपुर पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय एवं असम पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय (AVFU) के नेतृत्व में आयोजित किया गया। शिवसागर जिला पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग, Assam Society of Ireland, BAPS Swaminarayan Sanstha, कोलकाता, AAU-ZRS, उत्तर लखीमपुर तथा असम कृषि विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थाओं ने इसमें सहयोग किया।
शिविर में पशुपालकों को संतुलित पोषण, स्वच्छता, रोग-निवारण और आपदा के दौरान पशुधन की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया।
बाढ़ के संकट के बीच पशुधन की सेहत बचाने की यह पहल पशुपालकों के लिए उम्मीद और राहत की एक महत्वपूर्ण किरण साबित हुई।