भारत-केन्या संबंधों को नई ऊर्जा देने पर जोर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले केन्याई संसद अध्यक्ष

विशेष प्रतिनिधि नई दिल्ली, 13 अगस्त । केन्या की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष डॉ. मोसेस फ्रांसिस एम. वेटांगुला, SC, EGH, MP ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारत और केन्या के बीच ऐतिहासिक, मैत्रीपूर्ण एवं बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई।

श्री ओम बिरला ने भारत और केन्या के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा दोनों देशों की ऐतिहासिक विरासत को द्विपक्षीय संबंधों की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि निरंतर संसदीय संवाद दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बैठक में दोनों पक्षों ने नियमित संसदीय संवाद को बढ़ावा देने, संसदीय शिष्टमंडलों के आदान-प्रदान तथा दोनों देशों के सांसदों के बीच अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भारत की संसदीय प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण संस्था PRIDE के माध्यम से केन्या के सांसदों और संसदीय अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश भी की गई।

दोनों नेताओं ने संसदीय कार्यप्रणाली में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग पर विचार-विमर्श किया। साथ ही दोनों संसदों के बीच तकनीकी अनुभव, नवाचार और सर्वोत्तम संसदीय प्रथाओं को साझा करने की आवश्यकता पर भी सहमति व्यक्त की गई।

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, समुद्री संपर्क, ब्लू इकोनॉमी और डिजिटल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Connect) को मजबूत करने तथा सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की आवश्यकता पर बल दिया।

केन्या की संसद में महात्मा गांधी की प्रतिमा की स्थापना को दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों का सार्थक प्रतीक बताया गया। इस संदर्भ में दोनों देशों की साझा विरासत और जनता के बीच मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

दोनों पक्षों ने वैश्विक मंचों पर Global South की आवाज को और मजबूत करने तथा साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर संसदीय संवाद, प्रतिनिधिमंडल स्तर पर आदान-प्रदान और आपसी सहयोग से भारत-केन्या संबंधों को नई ऊर्जा और व्यापक आयाम मिलेंगे।

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