शिलचर, 7 अगस्त। असम राज्य प्राथमिक शिक्षक सम्मेलन के अंतर्गत शिलचर अनुमंडल शाखा की ओर से शुक्रवार को शिलचर के चांदमारी रोड स्थित जिला शिक्षक अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना दिया गया। सम्मेलन के अध्यक्ष अमित नाथ और महासचिव फैजुल हक मज़ारभुइया के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विशेष नियुक्ति प्राप्त शिक्षकों का वेतन एसएनए-स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से देने संबंधी निर्देश वापस लेने की मांग की गई।
सम्मेलन ने आरोप लगाया कि 2012 से 2021 के बीच सर्व शिक्षा अभियान मिशन के तहत संविदा आधार पर नियुक्त शिक्षकों को पहले से निर्धारित वेतन एवं वेतनमान संबंधी सुविधाएं मिल रही थीं। 16 जुलाई 2024 को जारी राजपत्र के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग में 35,133 स्थायी पदों के समकक्ष पद सृजित किए गए तथा इसके बाद विशेष नियुक्ति प्रक्रिया के तहत शिक्षकों की नियुक्ति की गई। सम्मेलन के अनुसार, इन शिक्षकों ने नियमानुसार इस्तीफा देकर पूर्व पदों से कार्यमुक्ति प्राप्त की थी और नई नियुक्ति के समय प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से नियुक्ति-पत्र भी जारी किया गया था। इसके बाद वे राज्य कोषागार के माध्यम से नियमित रूप से वेतन प्राप्त कर रहे थे।
शिक्षक सम्मेलन ने सरकार से सवाल किया कि क्या 16 जुलाई 2024 के आदेश तथा उसके बाद जारी निर्देशों को रद्द किया गया है। यदि नियुक्ति को विधिवत मंजूरी प्राप्त है, तो वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग व्यवस्था क्यों की जा रही है। सम्मेलन ने यह भी पूछा कि पूर्व पदों से इस्तीफा देकर कार्यमुक्त किए गए शिक्षकों को यदि नई नियुक्ति दी गई है, तो उनके वेतन एवं अन्य सुविधाओं के लिए अलग व्यवस्था का आधार क्या है।
सम्मेलन का आरोप है कि 31 जुलाई को जारी निर्देश के बाद विभिन्न कोषागारों में वेतन भुगतान को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आ रही है। कहीं वेतन का भुगतान किया गया है तो कहीं बिल वापस किए जा रहे हैं। इससे शिक्षकों में असमंजस और परेशानी की स्थिति पैदा हो गई है।
अध्यक्ष अमित नाथ और महासचिव फैजुल हक मज़ारभुइया ने कहा कि यह मामला केवल नैतिकता का नहीं, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल एसएनए-स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से वेतन भुगतान संबंधी निर्देश वापस लेने तथा नियुक्ति-पत्र में उल्लिखित शर्तों के अनुसार शिक्षकों को नियमित रूप से वेतन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ सम्मेलन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।