गुरु पूर्णिमा पर शिक्षाविदों, चिकित्सकों, पत्रकारों एवं समाज के विशिष्ट जनों का सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार तामोजित भट्टाचार्य और दिलीप कुमार सम्मानित

शिलचर। गुरु पूर्णिमा 2026 के पावन अवसर पर लायंस क्लब ऑफ शिलचर एलीट एवं झंकार सांस्कृतिक संस्था, शिलचर के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य ‘गुरु वंदना, सम्मान एवं सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बराक घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले उन व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना था, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज का मार्गदर्शन किया है।

समारोह में शिक्षा, पत्रकारिता, न्याय, प्रशासन, व्यवसाय, समाजसेवा, राजनीति, संस्कृति, धर्म एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया गया।

शिक्षा क्षेत्र से डॉ. शांति पोखरेल (विभागाध्यक्ष, संस्कृत विभाग, असम विश्वविद्यालय) एवं डॉ. अप्रतिम नाग (प्राचार्य, काछार कॉलेज, शिलचर), पत्रकारिता क्षेत्र से प्रेरणा भारती हिंदी दैनिक के मुख्य संपादक दिलीप कुमार तथा वरिष्ठ पत्रकार तमोजित भट्टाचार्य, कानून एवं न्याय क्षेत्र से नारायण कुड़ी (अध्यक्ष, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण), प्रशासनिक क्षेत्र से एएसपी (क्राइम) रजत पाल, व्यवसाय क्षेत्र से बादल पाल एवं बाप्पी पाल (बिन्नी कंस्ट्रक्शन, हाइलाकांडी) तथा संजय पाल एवं नंदिता पाल (युवराज जिम, वकील पट्टी, शिलचर) को सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त समाजसेवा एवं राजनीति के क्षेत्र में जयदीप चक्रवर्ती तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, काछार के अध्यक्ष सजल कुमार आचार्य, सांस्कृतिक क्षेत्र से वरिष्ठ गायक एवं संगीत गुरु अमरेंद्र चक्रवर्ती तथा वरिष्ठ तबला वादक एवं शिक्षक आसिमानंद विश्वास, धार्मिक क्षेत्र से पुरोहित तीर्थंकर गोस्वामी तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से किडनी विशेषज्ञ डॉ. अनिरुद्ध विश्वास (FRCS, MS) एवं शिलचर मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सम्बुद्ध धर को भी सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन लायंस क्लब ऑफ शिलचर एलीट एवं झंकार सांस्कृतिक संस्था के अध्यक्ष जयदीप चौधरी ने किया। इस अवसर पर झंकार सांस्कृतिक संस्था के कलाकारों ने गुरु वंदना पर आधारित मधुर संगीत प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में अमरेंद्र चक्रवर्ती की विशेष गायन प्रस्तुति, आसिमानंद विश्वास का तबला वादन, श्रीजनी देब का मनमोहक नृत्य, देबायन कर का सिंथेसाइजर वादन तथा शांतो घोष का तबला संगत आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम में लायन देवश्री चौधरी, निर्मल रविदास, बीना मलाकार, सूरज मलाकार, अनिकेत चक्रवर्ती, अर्पिता चक्रवर्ती, अद्रिजा चक्रवर्ती, विशाल घोष, निहाल दास, राहुल चक्रवर्ती एवं मनीष आचार्य सहित अनेक कलाकारों और सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

समारोह का समापन गुरुजनों के प्रति सम्मान, समाज सेवा के संकल्प तथा सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में ज्ञान, संस्कार और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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