शाहजहाँपुर की 100 बेटियों को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

समर्थ भारत-भाऊराव देवरस सेवा न्यास की पहल; लखनऊ में जीडीए आवासीय प्रशिक्षण शुरू, स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के खुलेंगे नए द्वारलखनऊ। ग्रामीण भारत की बेटियों को शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए समर्थ भारत-भाऊराव देवरस सेवा न्यास ने शाहजहाँपुर जनपद की 100 बेटियों को जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) के आवासीय प्रशिक्षण के लिए लखनऊ स्थित एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में प्रवेश दिलाया है। यह अभियान केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और समाजोपयोगी नागरिक बनाने की एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।प्रथम चरण में लगभग 70 छात्राएँ प्रशिक्षण केंद्र पहुँच चुकी हैं, जबकि शेष छात्राएँ भी शीघ्र ही प्रशिक्षण से जुड़ेंगी।

संस्थान में उनके लिए सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, आधुनिक प्रशिक्षण प्रयोगशालाएँ, अनुशासित वातावरण तथा व्यक्तित्व विकास की समुचित व्यवस्था की गई है। परिसर में छात्राओं का उत्साह और आत्मविश्वास इस बात का संकेत है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण अंचल की बेटियाँ भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकती हैं।समर्थ भारत-भाऊराव देवरस सेवा न्यास के प्रतिनिधि संदेश सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब समाज की प्रत्येक बेटी शिक्षा और कौशल के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनेगी।

उन्होंने कहा कि न्यास का उद्देश्य केवल रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, अनुशासन और राष्ट्रहित के मूल्यों से युक्त ऐसी युवा शक्ति तैयार करना है, जो समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में डॉ. विवेक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों और सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण शाहजहाँपुर की 100 बेटियों को जीवन बदलने वाला यह अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी समाजहित की ऐसी रचनात्मक पहलें निरंतर आगे बढ़ती रहेंगी।

इस अवसर पर एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि कौशल आधारित शिक्षा ही विकसित भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, परिश्रम और उत्कृष्टता को जीवन का मूलमंत्र बनाने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण उन्हें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में दक्ष, संवेदनशील और जिम्मेदार पेशेवर के रूप में स्थापित करेगा।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान आईईटी के कुलसचिव डॉ. प्रदीप बाजपेई ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि शिक्षा, कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वय ही विकसित भारत की सुदृढ़ आधारशिला है। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए समर्थ भारत-भाऊराव देवरस सेवा न्यास और एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण छात्राओं को रोजगार के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और समाजसेवा की नई दृष्टि भी प्रदान करेगा।देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ प्रशिक्षित जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल शाहजहाँपुर की बेटियों के लिए सम्मानजनक रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र को प्रशिक्षित, संवेदनशील और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई दिशा देने वाली एक उल्लेखनीय मिसाल बनकर उभर रही है।

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