लगातार हो रही मादक पदार्थों की बरामदगी से लोगों में चिंता, नशे के बढ़ते जाल पर प्रभावी कार्रवाई की मांग।
चंद्रशेखर ग्वाला सिलचर। 4 अगस्त।
कछाड़ जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक ही दिन में दो अलग-अलग कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बरखोला क्षेत्र से 121 ग्राम हेरोइन के साथ दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि रंगपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में एक अन्य कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के कब्जे से 8,000 याबा टैबलेट बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर बरखोला के पुठीचेरा टोल गेट के निकट अभियान चलाकर दो कथित मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 249 शीशियों (वायल) में भरी कुल 121 ग्राम हेरोइन, एक यू-40 इंसुलिन सिरिंज तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने सभी सामान जब्त कर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
इसी क्रम में कछाड़ पुलिस ने एक अन्य अभियान के दौरान रंगपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत मदुरापुल (मधुरापुल) पुल के निकट एक कथित नशा तस्कर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 8,000 याबा टैबलेट बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कछाड़ पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इधर, जिले में लगातार हो रही हेरोइन, याबा और अन्य मादक पदार्थों की बरामदगी तथा तस्करों की गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि कछाड़ धीरे-धीरे नशे के गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है। उनका मानना है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण चोरी, लूट, मारपीट, हत्या तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसी घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है, जिससे सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिलचर शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से नशाखोरों का जमावड़ा देखा जाता है। फाटक बाजार, रामनगर बाईपास, अन्नपूर्णा सेतु तथा सदरघाट सेतु के नीचे जैसे क्षेत्रों में प्रतिदिन नशा करने वालों की मौजूदगी से आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों, में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस से इन संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त बढ़ाने, विशेष अभियान चलाने तथा नशा मुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने की मांग की है, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और जिले में सुरक्षित एवं स्वस्थ सामाजिक वातावरण सुनिश्चित हो सके।
