नाइट एंजेल स्वयं सहायता समूह में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप: सदस्यों की जानकारी के बिना 33 हजार रुपये निकाले गए, ऋण और सरकारी अनुदान वितरण में भी गड़बड़ी की शिकायत

शिलचर, 4 अगस्त। गरीब एवं वंचित महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 19 दिसंबर 2009 को गठित नाइट एंजेल स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) इन दिनों गंभीर विवादों के केंद्र में है। समूह की सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना बैंक खाते से 33 हजार रुपये की निकासी की गई, समूह के नाम पर ऋण लिया गया तथा सरकारी अनुदान के वितरण में भी व्यापक अनियमितताएं बरती गईं।

मंगलवार को समूह की सचिव सालेहा खानम ने बड़खोला उपखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शिकायत के अनुसार, आसाम ग्रामीण विकास बैंक, बरयात्रापुर शाखा से एक चेक के माध्यम से समूह के खाते से 33,000 रुपये निकाले गए। आरोप है कि इस राशि की निकासी संगम सीएलएफ की अध्यक्षा निलुफा यासमीन बड़भुइयां के पति सजीब अहमद बड़भुइयां द्वारा कराई गई, जबकि चेक पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम उपयोग किए जाने का भी दावा किया गया है।

समूह की सदस्यों का कहना है कि उन्होंने न तो ऐसा कोई चेक जारी किया और न ही किसी को धनराशि निकालने की अनुमति दी। ऐसे में कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं कि सदस्यों की जानकारी के बिना चेक कैसे जारी हुआ, उस पर किसके हस्ताक्षर थे और बैंक ने किस आधार पर भुगतान की अनुमति दी।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 23 जनवरी 2024 को इस मामले की लिखित जानकारी बैंक प्रबंधन को दी गई थी, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही मामले का समाधान किया गया।

इसके अलावा, शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नाइट एंजेल एसएचजी के नाम पर सदस्यों की सहमति के बिना बैंक से ऋण भी लिया गया। उनका कहना है कि ऋण आवेदन, प्रस्ताव अथवा सहमति-पत्र पर किसी भी सदस्य के हस्ताक्षर मौजूद नहीं हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित दस्तावेज किसने तैयार किए, किसकी अनुमति से ऋण स्वीकृत हुआ और बैंक तथा प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच कैसे नहीं हुई।

शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान योजना के तहत मिलने वाली 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता ऐसे व्यक्ति के नाम स्वीकृत कर दी गई, जो नाइट एंजेल एसएचजी का वास्तविक सदस्य ही नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने लाभार्थी चयन एवं सत्यापन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए यह जानना चाहा है कि किस आधार पर उक्त राशि का वितरण किया गया।

समूह की सचिव सालेहा खानम ने कहा, “हम वर्षों से नियमों के अनुसार समूह का संचालन कर रहे हैं। लेकिन हमारी जानकारी के बिना हमारे खाते से धन निकाला गया और विभिन्न दस्तावेजों में हमारे नाम का दुरुपयोग किया गया। हम पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और कड़ी कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में पहले भी बैंक एवं प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा समूह के नुकसान की भरपाई कर उसकी धनराशि वापस दिलाई जाए।

(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्षों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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