शमीन्द्र पाल, काठीघोड़ा, 27 जुलाई: काठीघोड़ा सहित बराक घाटी के युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए बेहतर अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2017 में स्थापित ‘बिराज राइजिंग एसोसिएशन’ ने अब अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तार करने का निर्णय लिया है। संस्था की ओर से आगामी 3 अगस्त को ‘बिराज राइजिंग डिफेंस करियर इंस्टीट्यूट’ का शुभारंभ किया जाएगा। नए संस्थान में शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की भर्ती परीक्षाओं के लिए लिखित परीक्षा की विशेष तैयारी भी कराई जाएगी।
रविवार को काठीघोड़ा में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के संस्थापक एवं सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल बिराज मलाकर, भारतीय सेना के जवान चिरंजीत दास तथा अन्य पदाधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
संस्था के अनुसार, पिछले लगभग एक दशक के दौरान उसके प्रशिक्षण से अब तक 38 युवक-युवतियों का भारतीय सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, असम राइफल्स सहित विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों में चयन हो चुका है। अब तक संस्था का मुख्य जोर शारीरिक प्रशिक्षण पर रहा है। हालांकि, कई अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में सफल होने के बावजूद लिखित परीक्षा में पर्याप्त तैयारी के अभाव में अंतिम चयन से वंचित रह गए। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब लिखित परीक्षा की व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराने का निर्णय लिया गया है।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शारीरिक दक्षता के आधार पर सफलता प्राप्त करना संभव नहीं है। भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में बेहतर प्रदर्शन करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अभ्यर्थियों को शारीरिक और लिखित—दोनों स्तरों पर समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
नए संस्थान में छह माह का विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित होगा। इसमें नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप नियमित कक्षाएँ, मॉक टेस्ट, प्रश्नपत्र अभ्यास तथा अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही पूर्व की तरह नियमित शारीरिक प्रशिक्षण भी जारी रहेगा।
संस्था का मानना है कि काठीघोड़ा सहित बराक घाटी के अनेक प्रतिभाशाली युवक-युवतियाँ उचित मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के अभाव में अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। ऐसे युवाओं को सही दिशा देने में नया डिफेंस करियर इंस्टीट्यूट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संस्था के इस नए प्रयास से क्षेत्र के युवाओं में उत्साह और उम्मीद जगी है। पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक युवक-युवतियाँ भारतीय सेना और विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों में चयनित होकर अपने भविष्य को संवारने के साथ-साथ राष्ट्रसेवा में भी योगदान देंगे।