असम विश्वविद्यालय, शिलचर के डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (DRR) क्लब द्वारा “विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में हिमालय की भूमिका” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। यह संगोष्ठी 24 और 25 जुलाई 2026 तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन कनेक्टिंग हिमालय के सहयोग से किया जा रहा है तथा इसे उत्तर पूर्वी परिषद (NEC), शिलांग एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER), भारत सरकार का सहयोग प्राप्त है।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष चर्चा होगी कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में हिमालयी क्षेत्र की क्या भूमिका हो सकती है।
संगोष्ठी के दौरान देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और शैक्षणिक संगठनों से आए विशेषज्ञ अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। जलवायु परिवर्तन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जैव विविधता संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन और हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी हिमालय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर नई सोच और प्रभावी नीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही युवाओं और शोधार्थियों को विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा, जिससे भविष्य में आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

Best Regards,
Madan Singhal
Patrakar & Sahityakar
Agarsen Siksha Sansthan