शहीद जगन्मय और दिव्येंदु को श्रद्धांजलि, गुरूचरण विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर की मांग

उधारबंद, 22 जुलाई। 1986 के मातृभाषा आंदोलन में शहीद हुए भाषा सेनानी जगन्मय देव और दिव्येंदु दास को बराक उपत्यका बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन की उधारबंद आंचलिक समिति ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंगलवार को उधारबंद शिक्षा सदन हाई स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष भास्कर दास, उपाध्यक्ष निहार कांति राय, सचिव नुरुल हुदा सहित अन्य पदाधिकारियों और विद्यालय की प्रधानाचार्या व विद्यार्थियों ने शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वक्ताओं ने मातृभाषा की रक्षा और भाषा शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि मातृभाषा किसी भी समुदाय की पहचान और अस्तित्व का आधार है।

कार्यक्रम के बाद आयोजित बैठक में उधारबंद विधानसभा क्षेत्र में गुरूचरण विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर स्थापित करने तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग उठाई गई। इन मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री, संबंधित मंत्रियों, उधारबंद के विधायक राजदीप गोआला, गुरूचरण विश्वविद्यालय के कुलपति और DIET के प्राचार्य से संपर्क करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में समिति के पदाधिकारियों सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। लक्ष्मीपुर आंचलिक समिति और उधारबंद के विभिन्न संगठनों ने भी गुरूचरण विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर की मांग का समर्थन किया है।

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