राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 45वें स्थापना दिवस पर ग्रामीण विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान

सिलचर, 17 जुलाई: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), कछार द्वारा इटखोला स्थित कम्युनिटी मैनेज्ड ट्रेनिंग सेंटर (CMTC) में 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक एनजीओ रिफ्रेशर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGO), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), स्वयं सहायता समूहों (SHG), किसान उत्पादक संगठनों (FPO), किसानों तथा ग्रामीण विकास से जुड़े अन्य हितधारकों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. राहुल चक्रवर्ती, जिला उप-पंजीयक सहकारी समितियां डॉ. नासिरुद्दीन अहमद, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) रबिशंकर लिकमाबाम, असम ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मृणाल कुमार बोरा, वरिष्ठ प्रबंधक बिप्लब डे तथा असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (ASRLM) के जिला कार्यात्मक विशेषज्ञ (वित्तीय समावेशन) गोपेंद्र दास उपस्थित थे। अपने संबोधन में रबिशंकर लिकमाबाम ने पिछले 45 वर्षों में नाबार्ड द्वारा ग्रामीण विकास, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण, PACS के डिजिटलीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा ग्रामीण अवसंरचना विकास में किए गए महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली PACS, बहुउद्देश्यीय PACS (MPACS), महिला किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा नाबार्ड की सहयोगी संस्थाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) पर किसानों एवं हितधारकों को जागरूक करने के लिए एक विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समापन जमीनी स्तर की संस्थाओं को सशक्त बनाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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