लखीमपुर में वन्यजीव हत्या और कुत्तों की तस्करी पर लगाम,ज्येष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

 लखीमपुर 17 जुलाई लखीमपुर जिले में वन्यजीवों और बेसहारा जानवरों पर अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसको लेकर पशु अधिकार कार्यकर्ता प्रियंमज्योति फूकन ने 17 जुलाई 2026 को लखीमपुर जिला ज्येष्ठ पुलिश अधीक्षक गुनेंद्र डेका को एक स्मारक पत्र सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि सौरपोशिव के जंगल में कुछ लोगों ने एक असहाय हिरन को मारकर उसके मांस के टुकड़े कर दिए। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत हिरन का शिकार दंडनीय अपराध है, जिसमें 3 से 7 साल तक की जेल का प्रावधान है।

3 जुलाई 2026 को पूर्व तेलाही आदिवासी क्षेत्र में अजय ताईड नामक संदिग्ध व्यक्ति को साइकिल पर बैग में बंद कुत्ते के साथ देखा गया। पूछताछ में उसने कुत्ते को सफाई के लिए ले जाने की बात कही। जांच में सामने आया कि कापाक चापरित क्षेत्र में कुछ लोग विभिन्न स्थानों से कुत्तों को लाकर अवैध रूप से मारकर मांस बेचते हैं। यह पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 का स्पष्ट उल्लंघन है।

लखीमपुर शहर के खेलमाटी क्षेत्र में हाल ही में 2 कुत्तों को चाकू से गोदकर और उबलता गर्म पानी डालकर मारने का प्रयास किया गया। इनमें से एक कुत्ते को गंभीर हालत में बचाकर पनिगांव सेंटर में भर्ती कराया गया है। 

संगठन का आरोप है कि नागालैंड से कुत्तों का मांस लाकर बेचने वाला गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है। इससे पहले भी लखीमपुर पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया था।

स्मारक पत्र में विभिन्नय मांग शामिल है जिसमें हिरन हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी सौरपोशिव में हिरन की हत्या में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। अवैध तस्करी पर रोक गाय-भैंस चोरी,गाय-भैंस और कुत्ते के मांस की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह को पूरी तरह खत्म किया जाए। बाजारों में मवेशी बिक्री के कागजात की जांच हो। निगरानी बढ़े शहर और जिले के संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त और CCTV फुटेज की निगरानी की जाए। कुत्ते के मांस का कारोबार बंद हो कुत्तों को पकड़कर मांस के लिए बेचने वाले गिरोह को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए। नागालैंड की तरफ कुत्तों की तस्करी रोकने के लिए सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई जाए।   

पुराने मामलों में कड़ी कार्रवाई लालुक थाने केस नं. 97/2026 और सदर थाने केस नं. 435/2025 के आरोपियों को जमानत पर न छोड़ा जाए।  

संयुक्त अभियान गुवाहाटी पुलिस की तरह लखीमपुर पुलिस भी कार्बी आंगलोंग और अन्य इलाकों में अवैध तस्करी गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाए।

पत्र में कहा गया है कि लखीमपुर से असम के अन्य जिलों तक फैले इस अंतरराज्यीय गिरोह को जल्द से जल्द ध्वस्त करना जरूरी है, ताकि जिले में पशु क्रूरता पर पूरी तरह अंकुश लग सके।

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