विशेष प्रतिनिधि शिलचर, 9 जुलाई। असम विश्वविद्यालय, शिलचर ने प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे आरोपों और विश्वविद्यालय प्रशासन को प्राप्त शिकायतों के मद्देनज़र एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है। विश्वविद्यालय ने इन शिकायतों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है, जो पूरे मामले की जांच कर तथ्यों का पता लगाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों को आगाह किया है कि वे प्रवेश दिलाने के नाम पर किसी भी दलाल, बिचौलिए या अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं। प्रशासन के अनुसार, पूर्व वर्षों के अनुभव बताते हैं कि कुछ असामाजिक तत्व विश्वविद्यालय से किसी प्रकार का संबंध न होने के बावजूद प्रवेश दिलाने का झूठा आश्वासन देकर अभ्यर्थियों से धन उगाही करने का प्रयास करते हैं। इससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचता है।
परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि असम विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया प्रत्येक विभाग की विभागीय प्रवेश समिति द्वारा विश्वविद्यालय प्रवेश समिति के मार्गदर्शन में तथा विश्वविद्यालय के नियमों एवं केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ संचालित की जाती है। प्रवेश प्रक्रिया में कई स्तरों पर जांच, सत्यापन और अनुमोदन की व्यवस्था है।
विश्वविद्यालय ने बताया कि मेरिट सूची पूरी तरह सीयूईटी (CUET) स्कोर अथवा प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार की जाती है, जिसमें किसी भी प्रकार के मनमाने हस्तक्षेप या हेरफेर की कोई संभावना नहीं होती। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन का विश्वास है कि उसकी प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और विश्वसनीय है।
साथ ही प्रशासन ने दोहराया कि यदि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध विश्वसनीय साक्ष्य के आधार पर भ्रष्टाचार, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन में संलिप्त होने की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसका पद या संबद्धता कुछ भी हो।
विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के माध्यम से सीट दिलाने के प्रलोभन में न आएं और केवल विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना एवं निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।
यह परिपत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदोष किरण नाथ द्वारा 9 जुलाई 2026 को जारी किया गया है।