गुवाहाटी, 4 जुलाई। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने अपने निजी कोष से बराक और ब्रह्मपुत्र घाटी के बंगाली साहित्य एवं संस्कृति के प्रतिष्ठित संगठन ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ को एकमुश्त 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी है।
यह राशि संगठन में बांग्ला भाषा के लिए डीटीपी एवं प्री-प्रेस सुविधा स्थापित करने, अनुवाद कार्य को गति देने, स्वयं के ग्रंथों के प्रकाशन तथा विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों के संचालन पर व्यय की जाएगी।
बताया गया है कि इस आर्थिक सहायता को स्वीकृति दिलाने में राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू ने विशेष पहल की। शनिवार को शिक्षा मंत्री ने अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री की ओर से संगठन के प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री के हस्ताक्षरयुक्त 20 लाख रुपये का चेक सौंपा।
इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष खगेनचंद्र दास, सलाहकार कृष्णांजन चंद, समाजसेवी अजीत कुमार सेन, सचिव एवं लेखक तुषारकांति साहा, गुवाहाटी शाखा के अध्यक्ष असीम सरकार, महासचिव जया नाथ सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री के निर्देश पर असम सरकार के बांग्ला माध्यम के पाठ्यपुस्तकों के लेखन, संपादन और अनुवाद कार्य में ‘बांग्ला साहित्य सभा, असम’ पहले से ही सक्रिय भूमिका निभा रही है। नई आर्थिक सहायता से इन गतिविधियों को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है। संगठन गुवाहाटी के पांडु क्षेत्र में अपना कार्यालय तथा आधुनिक प्री-प्रेस केंद्र स्थापित कर बांग्ला भाषा में प्रकाशन और अनुवाद कार्य का विस्तार करेगा।
सभा के महासचिव डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती, जो वर्तमान में उत्तर बंगाल के दौरे पर हैं, ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “बराक और ब्रह्मपुत्र—दोनों घाटियों के बंगाली समाज के बीच प्रतिनिधित्व और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। सरकार की यह मान्यता हमारी जिम्मेदारी को और बढ़ाती है।”
सभा तथा राज्य के बंगाली समाज ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई इस आर्थिक सहायता का स्वागत करते हुए इसे भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। सभा के अध्यक्ष खगेनचंद्र दास ने दोनों घाटियों के साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों से संगठन की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।