यूरिया खरीद के साथ अन्य उर्वरक लेने के लिए किसानों पर दबाव डालने वाले विक्रेताओं को सख्त चेतावनी

गुवाहाटी/बिश्वनाथ, 3 जुलाई। असम सरकार के कृषि, सिंचाई एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने गुरुवार को बिहाली और बिश्वनाथ विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किसान पंजीकरण अभियान के तहत लघु चाय उत्पादकों के औपचारिक पंजीकरण कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम जिला कृषि विभाग की ओर से बिहाली के बरगांग स्थित श्रीमंत शंकरदेव प्रेक्षागृह तथा बिश्वनाथ चारिआली के कमलकांत नाट्य समाज में आयोजित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि असम की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लघु चाय उत्पादकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार उनके समग्र विकास और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि से ही राज्य का कृषि क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के अनुरोध पर भारत सरकार ने असम के लघु चाय उत्पादकों को किसान पंजीकरण के दायरे में शामिल करने की विशेष व्यवस्था की है। मंत्री ने सभी पात्र लघु चाय उत्पादकों से शीघ्र पंजीकरण कराकर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री पीयूष हजारिका ने यूरिया की बिक्री में हो रही कथित अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ उर्वरक विक्रेता किसानों को यूरिया खरीदने के साथ तीन-चार अन्य उर्वरक भी अनिवार्य रूप से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित, अनैतिक और अस्वीकार्य है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को उसकी आवश्यकता के बिना अतिरिक्त उर्वरक खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने ऐसे सभी विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर दोषी उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिहाली कार्यक्रम में रंजीत दत्ता तथा मुनीन्द्र दास उपस्थित रहे, जबकि बिश्वनाथ कार्यक्रम में पल्लव लोचन दास ने भाग लिया। दोनों कार्यक्रमों में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, लघु चाय उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।