प्लास्टिक मुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर, उधारबंद में विधायक राजदीप ग्वाला का आह्वान

उधारबंद, 22 जून (प्रेरणा भारती)।
“प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग आज मानव समाज और पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। यह न तो आसानी से गलता है और न ही नष्ट होता है। इसे जलाने पर निकलने वाला धुआं मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।” यह बात उधारबंद के विधायक राजदीप ग्वाला ने रविवार को उधारबंद ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित उनके सम्मान समारोह में कही।

ग्राम पंचायत अध्यक्ष काकली कर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विधायक गोवाला ने कहा कि वर्तमान समय में वायु, जल और पर्यावरण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बराइल पर्वतमाला की हरियाली धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। यदि पेड़-पौधे सुरक्षित नहीं रहेंगे तो जीव-जगत का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर उसकी नियमित देखभाल और संरक्षण पर विशेष बल दिया।

जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए विधायक ने कहा कि वृक्षों की संख्या कम होने से भूजल स्तर नीचे जा रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। इसलिए जल की अनावश्यक बर्बादी रोकना समय की मांग है।

अपने सम्मान समारोह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें लगभग 56 हजार मतों के अंतर से विजयी बनाकर जो विश्वास व्यक्त किया है, उसके लिए वे सदैव कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षाविद सोमनाथ देव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।

विधायक ने ग्राम पंचायत अध्यक्ष काकली कर को संबोधित करते हुए बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को विभिन्न विकास योजनाओं के तहत एक-एक करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों का सर्वेक्षण कर विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षाविद क्षौनिश चक्रवर्ती ने भी पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा जल प्रदूषण की रोकथाम पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छ जल के लिए प्रसिद्ध मधुरा नदी आज प्रदूषण की चपेट में आ गई है। नदी किनारे फेंके जाने वाले कचरे और अपशिष्ट पदार्थों के कारण इसकी जल गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कपड़े के थैले उपयोग करने का आग्रह किया।

कांचा कांती सेवा समिति के महासचिव ने बताया कि मंदिर परिसर में पॉलीथीन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा धार्मिक आयोजनों में केले के पत्तों की थालियों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मंदिर में सौर ऊर्जा के उपयोग की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने उधारबंद क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात में जलभराव की समस्या का उल्लेख करते हुए इसके लिए एक समग्र मास्टर प्लान तैयार करने की मांग रखी।

सेवानिवृत्त प्राचार्य सोमनाथ देव ने विद्यार्थियों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित प्रतियोगिताओं के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण विषयक विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। मंच पर उधारबंद मंडल के महासचिव स्वरूप दत्त, आंचलिक पंचायत की उपाध्यक्ष अमिता चक्रवर्ती, कांचा कांती सेवा समिति के उपाध्यक्ष जहर देव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

स्वागत भाषण ग्राम पंचायत सचिव निर्मलेंदु पाल ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंचायत अध्यक्ष काकली कर ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक राजदीप गोवाला को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

इसके पश्चात विधायक ने उधारबंद दुर्गानगर पंचम खंड में उधारबंद रोड से मालीपाड़ा तक मनरेगा योजना के तहत लगभग 16.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क निर्माण परियोजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपन चंद ने किया।

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