शीघ्र मरम्मत एवं पक्की सड़क निर्माण की मांग, मंत्री कौशिक राय से लगाई गुहार
राजू दे, सोनाई, 21 जून:
सोनाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रांगीरघाट पार्ट-3 दुबरी बस्ती की बदहाल सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। वर्षों से सड़क की मरम्मत और विकास की मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषकर बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी दयनीय हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन जाते हैं, जिससे आवागमन अत्यंत कठिन और जोखिमपूर्ण हो जाता है। हजारों लोगों के लिए यह सड़क प्रमुख संपर्क मार्ग होने के बावजूद इसके सुधार की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें प्रतिदिन कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। कई बार फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आती हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति बच्चों की शिक्षा में भी बाधा बन रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहन आसानी से बस्ती तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए आवागमन विशेष रूप से कष्टदायक हो गया है।
रविवार को ग्रामीणों ने पत्रकारों के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने लक्ष्मीपुर के विधायक एवं मंत्री कौशिक राय से हस्तक्षेप कर सड़क की तत्काल मरम्मत अथवा नई पक्की सड़क निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क के सुधरने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
स्थानीय निवासियों ने कहा, “हम वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। बच्चों को स्कूल भेजने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात में हालात और भी खराब हो जाते हैं। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।”
इस अवसर पर अजीत सिंह, दिलीप सिंह, बाबुल मजूमदार, संजय गोयाला, मोहन नूनिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में सड़क की शीघ्र मरम्मत की मांग करते हुए प्रशासन से अविलंब आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आर्थिक गतिविधियों की जीवनरेखा है। ऐसे में लंबे समय से लंबित इस समस्या का समाधान अब समय की मांग बन चुका है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि उनकी यह मांग कब पूरी होती है।