धोलाई, संवाददाता। धोलाई के आमड़ाघाट क्षेत्र स्थित दर्मीखाल में लगभग 8 लाख रुपये की सरकारी लागत से निर्माणाधीन श्मशान घाट परियोजना में गंभीर अनियमितताओं और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के आरोप सामने आए हैं। आरोपों के केंद्र में भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष का नाम आने से मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्रीय विधायक अमियकांति दास ने हाल ही में निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कथित रूप से निर्माण कार्य में व्यापक खामियां और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा दोषपूर्ण हिस्से को ध्वस्त करने के निर्देश दिए।
आरोप है कि विधायक के निर्देश के बाद देर रात जेसीबी मशीन की सहायता से निर्माणाधीन संरचना को गुप्त रूप से तोड़ दिया गया। इस घटना ने पूरे मामले को और अधिक विवादित बना दिया है।
स्थानीय युवाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप सरिया, बालू और पत्थरों का उपयोग नहीं किया गया। इसके बजाय निम्नस्तरीय सामग्री लगाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। वहीं, संबंधित विभाग के अभियंता (इंजीनियर) की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी जनहित और संवेदनशील परियोजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है तथा निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण कार्य में वास्तव में अनियमितता हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी।