लखीमपुर में भक्ति की बही गंगा, भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीकृष्ण कथा महोत्सव का शुभारंभ

लखीमपुर में भक्ति की बही गंगा, भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीकृष्ण कथा महोत्सव का शुभारंभ

लखीमपुर के श्री श्री सीतारामजी ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर में चार दिवसीय अमृतमयी श्रीकृष्ण कथा एवं धार्मिक अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच हुआ। आयोजन के प्रथम दिन निकाली गई विशाल कलश यात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया।

मारवाड़ी सम्मेलन महिला शाखा के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय हनुमान मंदिर से कथा स्थल तक निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष, भजन-कीर्तन और मंगल गीतों से पूरा नगर गूंज उठा।

धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान विनोद कुमार हरलालका एवं कमला देवी हरलालका रहे। आचार्य धनराज जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया।

रात्रि में दीप प्रज्वलन और आरती के साथ श्रीकृष्ण कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। राजस्थान के नोखा से पधारी सुप्रसिद्ध कथा वाचक सुश्री मोनिका पारीक ने अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, महाभारत के प्रसंग, द्रौपदी चीरहरण, विदुरानी की भक्ति, माता कुंती के त्याग और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का मार्मिक वर्णन किया। कथा स्थल देर रात तक “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंजता रहा।

आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है। कथा के आगामी सत्रों में श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं, महारास, गोवर्धन लीला एवं सुदामा चरित्र का वर्णन किया जाएगा।

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