दिल्ली में असम के विकास को मिली नई गति: आईआईएम गुवाहाटी पर आगे बढ़ी पहल, राष्ट्रपति मुर्मु से मिले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा

दिल्ली में असम के विकास को मिली नई गति: आईआईएम गुवाहाटी पर आगे बढ़ी पहल, राष्ट्रपति मुर्मु से मिले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा

विशेष प्रतिनिधि नई दिल्ली, 3 जून। असम को शिक्षा, आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने राजधानी दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकों का दौर जारी रखा। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से प्रस्तावित आईआईएम गुवाहाटी की स्थापना को लेकर चर्चा की तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर राज्य के विकास की दिशा में मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बैठक में आईआईएम गुवाहाटी परिसर की रूपरेखा को अंतिम रूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम को पूर्वी भारत का प्रमुख शिक्षा केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है और देश के सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थानों को राज्य में लाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने शिक्षा अवसंरचना को मजबूत बनाने में केंद्रीय मंत्री के सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आईआईएम गुवाहाटी की स्थापना से प्रबंधन शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास को नई गति मिलेगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें असम की तीव्र आर्थिक प्रगति और भविष्य की विकास योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के रूप में लगातार दूसरी बार कार्यभार संभालने के बाद राष्ट्रपति से उनकी यह पहली मुलाकात थी। डॉ. सरमा ने राष्ट्रपति को राज्य की विकास यात्रा, निवेश आकर्षण, आधारभूत संरचना विस्तार और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी दी तथा आगे की विकास यात्रा के लिए उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मु को साहस, दृढ़ता और प्रेरणादायी नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके विचार और सुझाव जनसेवा के मार्ग में निरंतर प्रेरणा प्रदान करते हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इन बैठकों को असम के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां आईआईएम गुवाहाटी की स्थापना राज्य को राष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दे सकती है, वहीं दूसरी ओर केंद्र के साथ बढ़ता समन्वय असम के आर्थिक और सामाजिक विकास को और अधिक गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

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