बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग तेज

बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग तेज
हाफलोंग में बुद्धिजीवी सम्मेलन, दीमा हासाओ को भी प्रस्तावित बेंच के दायरे में शामिल करने की उठी मांग
हाफलोंग, 11 मई।
बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को हाफलोंग जिला बार एसोसिएशन की पहल पर हाफलोंग शहर स्थित कृषि गेस्ट हाउस में एक महत्वपूर्ण बुद्धिजीवी सम्मेलन आयोजित किया गया। दोपहर 1:30 बजे शुरू हुई यह बैठक लगभग ढाई घंटे तक चली, जिसमें विस्तृत चर्चा, विचार-विमर्श और भविष्य की रणनीति पर मंथन किया गया।
सम्मेलन में बराक घाटी तथा दीमा हासाओ जिला के शिक्षाविदों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग का जोरदार समर्थन किया। साथ ही, प्रस्तावित बेंच के अधिकार क्षेत्र में दीमा हासाओ जिले को शामिल करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि भौगोलिक दूरी, अत्यधिक आर्थिक व्यय और आवागमन की कठिनाइयों के कारण बराक घाटी एवं पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को न्याय प्राप्त करने में लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बराक घाटी में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना समय की सबसे महत्वपूर्ण और न्यायसंगत आवश्यकता बन चुकी है।
सम्मेलन में कहा गया कि इस क्षेत्र के लोगों के संवैधानिक अधिकारों तथा सुलभ न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्थायी बेंच की स्थापना अत्यंत जरूरी है। यदि यहां हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होती है, तो आम न्यायप्रार्थियों का समय, धन और अनावश्यक परेशानी काफी हद तक कम होगी तथा न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
कार्यक्रम में हाफलोंग जिला बार एसोसिएशन की अध्यक्ष दयामणि सिंह, सचिव जयजीत थाओसेन, हाफलोंग गवर्नमेंट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सर्वजीत थाओसेन, सेवानिवृत्त प्राध्यापिका रेणु महाजन, सेवानिवृत्त न्यायाधीश एलेन जेमे तथा एन.सी. हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल के प्रतिनिधि मंचासीन रहे। सभी वक्ताओं ने इस आंदोलन की वैधता और आवश्यकता पर बल देते हुए बराक घाटी एवं दीमा हासाओ के लोगों के हित में व्यापक जनएकजुटता की अपील की।
सम्मेलन में शिलचर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव कुमार साहा, प्रसेंजित देव, शांतनु नायक, धर्मानंद देव, देवोमिता चक्रवर्ती, तुहिना शर्मा, ज्योतिर्मय नाथ, सौमित्र दत्त राय और मधुमिता धर सरकार सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बराक घाटी की लंबे समय से चली आ रही न्यायिक उपेक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल प्रशासनिक मांग नहीं, बल्कि आम लोगों के न्याय पाने के अधिकार की लड़ाई है।
सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना की मांग को लेकर भविष्य में व्यापक जनआंदोलन, जनजागरूकता अभियान और विभिन्न लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपस्थित सभी लोगों ने इस आंदोलन को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
बुद्धिजीवी सम्मेलन को बराक घाटी में हाईकोर्ट बेंच स्थापना आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव और नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

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