असम के दो छात्रों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, ‘प्रेरणा उत्सव’ में लहराया बराक घाटी का परचम
भारत सरकार की पहल पर देशभर के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने तथा भारतीय मूल्य, संस्कृति और परंपरा को आधुनिक शिक्षण पद्धति के साथ समन्वित करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह पहल National Education Policy (NEP) के अनुरूप संचालित की जा रही है, जिसके तहत सेंटर फॉर एक्सपीरिएंशियल लर्निंग के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से 100 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है।

इस प्रतिष्ठित सूची में असम से कछार जिले के लखीपुर पायलापुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र देवज्योति दास तथा शिलचर, तारापुर स्थित सूर्य कुमार उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा शर्मिष्ठा देवनाथ का चयन हुआ है। दोनों विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से पूरे बराक घाटी सहित असम के शिक्षा जगत में खुशी और गौरव का माहौल है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि गुजरात के वडनगर में स्थित वह विद्यालय—जहां प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी—को ‘मॉडल स्कूल’ घोषित कर ‘प्रेरणा स्कूल’ के रूप में विकसित किया गया है। इसी परिसर में ‘प्रेरणा उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
देशभर से केवल 20 विद्यार्थियों को इस उत्सव में भाग लेने के लिए चुना गया है, जिनमें असम से केवल दो—देवज्योति दास और शर्मिष्ठा देवनाथ—शामिल हैं। यह चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय बन गया है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक-आधारित शिक्षण, नवाचार और नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में Indian Institute of Management Ahmedabad तथा गांधीनगर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
शर्मिष्ठा देवनाथ, जो शिलचर के स्वस्तिपल्ली क्षेत्र की निवासी हैं, उनके माता-पिता स्वपन देवनाथ और मामन देवनाथ ने अपनी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं देवज्योति दास के माता-पिता जयंता दास और बर्णाली चौधुरी ने भी बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह पहली बार है जब कछार जिले से दो विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित ‘प्रेरणा उत्सव’ के लिए चयन हुआ है। इससे न केवल विद्यार्थियों बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों में भी नई उम्मीद जगी है।
शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से आने वाली पीढ़ी आधुनिक शिक्षा, तकनीकी दक्षता और भारतीय मूल्यों के संतुलन के साथ देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सभी ने चयनित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।