पौतेजाम (माहुर) में केलुमकी उद्घाटन: पारंपरिक आस्था और सामुदायिक एकता का भव्य प्रदर्शन

माहुर, 22 मार्च 2026: दिमा हसाओ जिले के अंतर्गत पौतेजाम गांव में रविवार को केलुमकी (पारंपरिक मंदिर) के उद्घाटन समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। प्रातः 6:00 बजे से 8:00 बजे तक चले इस विशेष कार्यक्रम में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अतिथि एक दिन पूर्व, 21 मार्च की संध्या को ही गांव पहुंच गए थे। उनके आगमन पर ग्रामवासियों ने पारंपरिक विधि से स्वागत किया और उन्हें सम्मानपूर्वक “पाइकी” तक ले जाया गया।

उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसे गांव के पुजारी ने विधिवत संपन्न कराया। इसके पश्चात विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गांव के पुजारी की प्रमुख भूमिका रही, वहीं युवा कार्यकर्ताओं ने अन्य पारंपरिक विधियों के संचालन में सक्रिय योगदान दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुमार तिवारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह दिन गांव के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा, “यह मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि गांववासियों की आस्था, एकता और सामूहिक परिश्रम का प्रतीक है। हमें इसी भावना के साथ समाज की उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए।”
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत और सामूहिक नृत्य ने वातावरण को आध्यात्मिक और उत्सवमय बना दिया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, ये सभी गीत और प्रार्थनाएं ‘रानी मां’ द्वारा समाज को प्रदान की गई हैं, जिन्हें दिव्य और पवित्र माना जाता है।
उद्घाटन के पश्चात आयोजित धर्मसभा में अतिथियों को पारंपरिक नागा शॉल एवं दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया गया। सेविका समिति की कार्यकर्ता अबोले जेमी ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि गांव के मुखिया ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।
जेलियांगरांग हेरक्का एसोसिएशन, असम के महासचिव एच. रियामे ने सभा को संबोधित करते हुए इस आयोजन को समाज की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अन्य विशिष्ट अतिथियों में एन. जेमी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक रविंद्र दास, विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री विक्रम सिंह तथा शिलचर के वरिष्ठ पत्रकार दिलीप कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
ग्रामवासियों ने बताया कि पौतेजाम, माहुर से लगभग 37 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटा गांव है, जहां लगभग 24–25 परिवार निवास करते हैं। गांव की अर्थव्यवस्था मुख्यतः झूम खेती पर आधारित है, जिसमें धान और अदरक प्रमुख फसलें हैं। गांव के कुछ लोग सरकारी सेवाओं में भी कार्यरत हैं।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि जेमी (नागा) समाज में मंदिर निर्माण एक सामूहिक और दीर्घकालिक प्रक्रिया होती है। इसके लिए गांव के लोग चार से पांच वर्षों तक योजना बनाते हैं और प्रत्येक परिवार से सहयोग राशि एकत्रित की जाती है। इस प्रकार सामूहिक श्रम और सहयोग से केलुमकी का निर्माण संभव हो पाता है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद का भी सहयोग प्राप्त होता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों ने क्षेत्र के सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।