आर.आर.आई.यू.एम., शिलचर में हिंदी कार्यशाला का आयोजन, पौधारोपण संदेश के साथ

आर.आर.आई.यू.एम., शिलचर में हिंदी कार्यशाला का आयोजन, पौधारोपण संदेश के साथ
शिलचर, 17 मार्च 2026: केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सी.सी.आर.यू.एम.), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आर.आर.आई.यू.एम., सिलचर में आज हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अपराह्न 3:30 बजे संस्थान के सम्मेलन कक्ष में किया गया, जिसका उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना एवं राजभाषा नीति के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक पुष्पगुच्छ के स्थान पर अतिथि को पौधा (sapling) भेंट कर किया गया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए यह प्रेरणा दी गई कि “फूल तोड़ने के बजाय फूल लगाने की परंपरा को बढ़ावा दिया जाए।” यह पहल उपस्थित सभी प्रतिभागियों द्वारा सराही गई।
इस अवसर पर डॉ. नाज़िम हुसैन, अनुसंधान अधिकारी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए हिंदी के प्रभावी प्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. वेदपर्णा देय, सहायक प्रोफेसर, असम विश्वविद्यालय ने हिंदी के व्यावहारिक उपयोग एवं राजभाषा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आर. मुरुगेश्वरन, सहायक निदेशक एवं प्रभारी द्वारा की गई। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्थान के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथि को स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
अंत में डॉ. अब्दुल अलीम, अनुसंधान अधिकारी (यूनानी) एवं राजभाषा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला का संचालन डॉ. उज़म। सिद्दीकी, एस.आर.एफ. द्वारा किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यशाला में संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से हिंदी के प्रति जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त संदेश प्रसारित किया गया।

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