चाय जनजाति के पाँच समुदायों को OBC दर्जा, संगठनों ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

चाय जनजाति के पाँच समुदायों को OBC दर्जा, संगठनों ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

शिलचर, 17 मार्च: लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए असम सरकार ने चाय जनजाति/आदिवासी समाज के पांच समुदाय—चाषा, बाकति/बागदी, फूलमाली/माली, गंजू और खैरा—को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल कर लिया है। इस संबंध में 10 मार्च को राज्य के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग द्वारा, राज्यपाल के निर्देशानुसार अधिसूचना जारी की गई।

सरकार के इस फैसले से इन समुदायों में हर्ष की लहर है। शिलचर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में इन पांचों समुदायों के प्रतिनिधियों ने असम सरकार तथा मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस मांग को पूरा कराने में “असम चाय जनजाति राष्ट्रीय महासभा” की महत्वपूर्ण भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया।

महासभा के केंद्रीय समिति के अध्यक्ष एवं नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद तेरस ग्वाला, महासचिव अरुण कुंवर तथा सभी कार्यकारिणी सदस्यों को उनके जिम्मेदार योगदान के लिए बधाई दी गई। साथ ही, काछार जिला समिति के अध्यक्ष प्रदीप तांती व सचिव जितेंद्र बाउरी, हाइलाकांदी जिला समिति के अध्यक्ष संतु री तथा श्रीभूमि जिला समिति के अध्यक्ष उत्तम रिकियासन सहित तीनों जिलों के पदाधिकारियों के प्रति भी विशेष कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इसके अलावा, चाय जनजाति राष्ट्रीय सम्मिलनी, असम के अध्यक्ष भगीरथ करण, सचिव नवीन केवट तथा अन्य पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के योगदान को भी सराहा गया।

प्रेस वार्ता में मदन चाषा, बिमल चाषा, सांत्वना चाषा, नेपाल राय (खैरा), धनीराम राय, भानुदेव फूलमाली, भजन फूलमाली और विष्णुपद बाकति सहित कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि मांग को पूरा करने के लिए काछार, हाइलाकांदी और श्रीभूमि जिलों में प्रोफाइल तैयार कर संबंधित संगठनों के सहयोग से सरकार को प्रस्तुत किया गया था, जिससे इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अमल में लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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