पूर्व बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के घर से नाबालिग बाल श्रमिक किशोरी बरामद हाइलाकांदी में मचा हड़कंप
प्रतिनिधि हाइलाकांदी ६ मार्च: जो व्यक्ति एक समय बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी निभा चुके हैं और समाज को बाल श्रम तथा बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान करते रहे हैं, उन्हीं के घर से एक नाबालिग बाल श्रमिक किशोरी के बरामद होने की घटना ने हाइलाकांदी जिले में भारी सनसनी फैला दी है। इस घटना के सामने आते ही आम लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आम लोग न्याय के लिए कहाँ जाएंगे? प्राप्त जानकारी के अनुसार हाइलाकांदी जिला बाल संरक्षण विभाग में हाल ही में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि एक किशोरी की बाल विवाह कराने की कोशिश की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बाल संरक्षण विभाग तथा बाल कल्याण समिति (CWC) के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। शिकायत के आधार पर एक विशेष टीम गठित कर संबंधित इलाके में अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पूर्व बाल कल्याण समिति अध्यक्ष निलाद्री शंकर दास के घर में तलाशी ली गई, जहां से एक किशोरी को बरामद किया गया। बरामद किशोरी को तुरंत बाल कल्याण समिति के कार्यालय में लाया गया और वहां उसका बयान दर्ज किया गया। किशोरी के बयान के अनुसार वह लगभग छह वर्षों से उस परिवार के साथ रह रही थी और घरेलू कामकाज करती थी। इसके साथ ही वह स्थानीय एक विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ाई भी कर रही थी। बताया जाता है कि निलाद्री शंकर दास के भाई और बहन उसी घर में रहते हैं और किशोरी मुख्य रूप से उनके घर में काम करती थी। यह भी जानकारी मिली है कि घरेलू काम के बदले हर महीने किशोरी के बैंक खाते में एक हजार रुपये जमा किए जाते थे। हालांकि किशोरी की वर्तमान आयु केवल १६ वर्ष बताई जा रही है, फिर भी इतने लंबे समय तक उससे घरेलू काम करवाए जाने के आरोप सामने आए हैं। किशोरी के बरामद होने के बाद जिला बाल संरक्षण विभाग की ओर से उसे फिलहाल एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। वहीं किशोरी का बाल विवाह कराने की कोशिश किए जाने के आरोप की भी जांच की जा रही है। इस मामले में किशोरी के पिता और मामा की भूमिका को भी प्रशासन द्वारा जांच के दायरे में लिया गया है। अब तक किशोरी का बयान दर्ज कर लिया गया है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है। बाल श्रम से जुड़े आरोपों में संबंधित परिवार के खिलाफ तथा नाबालिग की शादी कराने के प्रयास के आरोप में उसके पिता और मामा के खिलाफ प्रशासन क्या कानूनी कार्रवाई करता है इस पर अब आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।