नातानपुर, काछाड़ से गूंजा विकास का शंखनाद: ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ का राष्ट्रीय शुभारंभ

नातानपुर, काछाड़ से गूंजा विकास का शंखनाद: ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ का राष्ट्रीय शुभारंभ

सीमा सुरक्षा और 5 लाख बीघा भूमि मुक्त कराने का ऐलान

काठीघोड़ा, काछार, 20 फरवरी। भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे काछार जिले के नातानपुर गांव में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा  की उपस्थिति में केंद्र सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने भारत-बांग्लादेश सीमा स्थित नातानपुर सीमा चौकी का निरीक्षण किया और वृक्षारोपण में भाग लिया।

इस अवसर पर असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कछार जिले के 20 स्वयं सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।

1,954 गांवों का विकास, असम के 140 गांव शामिल

6,839 करोड़ रुपये की लागत से 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 1,954 अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों में यह कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। असम के 9 जिलों के 140 सीमावर्ती गांव इसमें शामिल हैं। इनमें 65 गांव भारत-बांग्लादेश सीमा और 75 गांव भारत-भूटान सीमा से जुड़े हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारना, आजीविका के अवसर बढ़ाना, समृद्ध एवं सुरक्षित सीमा सुनिश्चित करना, अपराध नियंत्रण तथा स्थानीय लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ते हुए सीमा सुरक्षा में सहभागी बनाना है।

सीमावर्ती जिलों में विशेष कार्ययोजना

मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े काछार के 11, श्रीभूमि के 21, धुबरी के 28 और दक्षिण सालमारा-मानकाचर के 5 गांवों में यह योजना लागू होगी। वहीं भारत-भूटान सीमा से जुड़े कोकराझार के 6, चिरांग के 5, बक्सा के 12, तामुलपुर के 7 और उदालगुड़ी के 45 गांवों में कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

इन गांवों में पक्की सड़कें, अस्पताल, मोबाइल एंबुलेंस सेवा, टेलीकॉम सुविधा और बेहतर विद्यालयों का निर्माण किया जाएगा।

“हमारी भूमि पर हमारा अधिकार”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती गांवों से सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले भारतीयों के शहरों की ओर पलायन के कारण अवैध घुसपैठियों ने भूमि पर कब्जा जमाया है। उन्होंने आह्वान किया कि स्थानीय लोग अवैध घुसपैठियों को भूमि न बेचने की शपथ लें।

उन्होंने बताया कि हाल में हाइलाकांडी और श्रीभूमि में अतिक्रमण हटाया गया है। राज्य में अब तक डेढ़ लाख बीघा भूमि अतिक्रमणमुक्त कराई जा चुकी है और आने वाले समय में 5 लाख बीघा भूमि को मुक्त कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नातानपुर जैसे गांव में देश के गृह मंत्री का आगमन ऐतिहासिक क्षण है।

22 हजार करोड़ का एक्सप्रेस-वे, एक माह में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पूरा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 14 मार्च को प्रधानमंत्री बराक घाटी के दौरे पर आएंगे और गुवाहाटी से पांचग्राम के बीच 22 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले असम के पहले एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद बराक घाटी से गुवाहाटी की यात्रा महज साढ़े चार घंटे में पूरी हो सकेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बराकवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग—ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर—का कार्य भी एक माह के भीतर पूरा हो जाएगा।

कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य अतुल बोरा, कौशिक राय, कृष्णेंदु पाल, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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