अंतरराष्ट्रीय कस्टम्स दिवस पर मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता शिविर आयोजित
शिलचर, 11 फरवरी।
अंतरराष्ट्रीय कस्टम्स दिवस के अवसर पर भारतीय कस्टम्स विभाग तथा गुरूचरण विश्वविद्यालय, शिलचर के एनएसएस एवं एनसीसी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार सुबह 9:30 बजे बड़ााल व्यू रीजेंसी, शिलचर में मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में गुरूचरण विश्वविद्यालय की ओर से एनएसएस सेल के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. राजर्षि कृष्ण नाथ उपस्थित रहे। एनएसएस इकाइयों के प्रोग्राम ऑफिसरों में प्रो. अभिजीत जायसवाल, प्रो. रिम्पी सोनवाल, डॉ. बामनकिरी रंगपी, प्रो. विजया बर्धन तथा चंद्रमिता बोरो मौजूद थीं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के रेड रिबन क्लब के को-ऑर्डिनेटर डॉ. सुभाष देवनाथ, एनसीसी गर्ल्स विंग (62 असम बटालियन) की सीटीओ प्रो. नाजराना सुल्ताना, स्पोर्ट्स सेल के प्रो. विजय ब्रह्म एवं प्रो. चंदन पाल चौधरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. रवी कन्नन उपस्थित रहे। शिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मनोरोग विभाग के रजिस्ट्रार डॉ. जयंता कुर्मी, डॉ. एच. अंजुमन चौधरी, कस्टम्स विभाग के प्रधान आयुक्त विनायक आजाद तथा दिशा के क्लस्टर प्रमुख अनुप कुमार दत्त भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। अतिथियों के स्वागत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. रवी कन्नन ने कहा कि एक चिकित्सक के रूप में वे भली-भांति जानते हैं कि नशा और मद्यपान किस प्रकार व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से गंभीर नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी तब शुरू होती है जब व्यक्ति नशे की चपेट में आ जाता है, लेकिन युवाओं को इस विनाशकारी लत से बचाने में कस्टम्स विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी सतर्कता और निष्ठा से मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार पर अंकुश लगाया जा सकता है।
डॉ. एच. अंजुमन चौधरी ने चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से विस्तार से बताया कि किस प्रकार कोई व्यक्ति धीरे-धीरे नशे का आदी बन जाता है। वहीं कस्टम्स अधिकारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बराक घाटी, जो पहले मादक पदार्थों की तस्करी का मार्ग मानी जाती थी, अब यहां नशे की खपत में भी चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। विभाग इसे रोकने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. श्रेष्ठा कर ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. नाजराना सुल्ताना ने दिया। कार्यक्रम के समापन पर एनएसएस स्वयंसेवकों एवं एनसीसी कैडेटों ने “Say No to Drugs” के संदेश के साथ एक जागरूकता रैली निकाली। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।