रामकृष्ण शारदा सेवा आश्रम के सहयोग से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित

प्रेरणा भारती, उधारबंद: मधुरा क्षेत्र में जलस्तर में गिरावट आने से बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। हालांकि, निचले इलाकों में कई घर अब भी जलमग्न हैं। जहां पानी उतर गया है, वहां घरों में मोटी पॉलि की परत जम गई है। बाढ़ के कारण लोगों का कीमती सामान और दस्तावेज पानी में बह गए हैं, और आजीविका के साधन पूरी तरह ठप हो गए हैं।

ऐसे कठिन समय में शिलचर रामकृष्ण मिशन ने बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ आगे आकर मानव सेवा का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया। बुधवार को उधारबंद रामकृष्ण शारदा सेवा आश्रम के सहयोग से डायट रोड से लेकर गांव तक के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई।

इस राहत वितरण कार्यक्रम का नेतृत्व शिलचर रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम संघ के पूजनीय सचिव श्रीमद् स्वामी गनधीशानंद जी महाराज ने किया। उनके साथ स्वामी गुनातीतानंद जी महाराजरामकृष्ण-विवेकानंद पाठमंदिर, उधारबंद के सदस्यगण एवं शिलचर मिशन के अन्य सेवाभावी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

प्रेरणा भारती के संवाददाता निहार कांति राय से बातचीत में स्वामी गनधिशानंद जी महाराज ने बताया कि अचानक आई इस बाढ़ से लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस परिस्थिति में उन्होंने बेलूर मठ के अध्‍यक्ष से संपर्क कर राहत कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन का मूल उद्देश्य है – “शिव ज्ञान से जीव सेवा”, और इसी भाव से सेवा कार्य चलाया जा रहा है।

इस चरण में चावल को छोड़कर एक सप्ताह के लिए आवश्यक सामग्री वितरित की गई है। जल्द ही कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी प्रदान की जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि शिलचर रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम संघ की स्थापना भी एक विनाशकारी बाढ़ के समय हुई थी, और तभी से यह संगठन हर प्राकृतिक आपदा में निःस्वार्थ भाव से सेवा करता आ रहा है।

गुरुवार को उधारबंद अस्पताल रोड के 160 परिवारोंमहादेवबाड़ी के 82 परिवारों, और ठाली गांव के 100 परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की गई। इस कार्यक्रम में सीमान्त मजूमदारवीरब्रत राय, तथा विवेकानंद पाठमंदिर, उधारबंद के सदस्यगण ने सक्रिय सहयोग दिया।

रामकृष्ण मिशन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि संकट की घड़ी में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

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