शिलचर, 4 अप्रैल : हाल ही में सामाजिक माध्यम के जरिए इस विषय पर चर्चा के लिए “दि फाइल्स आफ राइटर विधान सिन्हा” (The Files of Writer Bidhan Sinha) के तहत लेखक विधान सिन्हा ने कई सारे पोष्ट शेयर किया था। इस विषय पर श्रीकृष्ण रुक्मिणी कलाक्षेत्र में 15:04:2024 एक टक-शो आयोजित किया था। जिसमें श्री सिन्हा ने केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों का दृष्टि आकर्षण किया। १८ एप्रिल २०२४ काछाड़ जिला के जिलाधिपति के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधान मन्त्री, राज्यपालगणों एवं मुख्य मन्त्रीगणों के प्रति ज्ञापन पत्र भेजा और इस बीच (१ मई २०२४) राष्ट्रपति भवन से केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को सिफारिश किया गया कि इस विषय पर शीघ्रातिशीघ्र करवाई करे। पूर्वोत्तर में संस्कृत भाषा-साहित्य के विकाश एवं देश के प्रत्येक गांव पंचायत और विलेज काउन्सिल क्षेत्र में एक एक राष्ट्रीय संस्कृत विद्यालय स्थापित करने की मांग के विषय पर पहले ही राष्ट्रपति भवन, उप-राष्टपति भवन, प्रधान मन्त्री दप्तर एवं केन्द्रीय शिक्षा मन्त्रालय से सिफारिश आ चुके है। एस विषय पर असम सरकार एवं त्रिपुरा सरकार के संश्लिष्ट विभागों के साथ श्रीकृष्ण रुक्मिणी कलाक्षेत्र के अध्यक्ष विधान सिंह का एक-एक अफिसियल मिटिंग सम्पन्न हो चुके हैं। राष्ट्रपति द्वारा विधान सिन्हा के ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई के लिए विधान सिन्हा ने प्रसन्नता प्रकट करते हुए इसे उचित कार्रवाई बताया।