अगरतला, 16 जुलाई (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश को अतिशीघ्र समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करना चाहिए। उन्होंने मणिपुर में शांति बहाल करने को पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा, मणिपुर में ईसाइयों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, इसलिए उन्होंने धर्मांतरण रोकने के लिए एक सख्त कानून बनाने की मांग की है।
विहिप ने शनिवार और रविवार को अगरतला के खैरपुर में विहिप के दक्षिण-पूर्व प्रांत योजना की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य अतिथि विहिप के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार ने हिस्सा लिया। योजना बैठक के बाद रविवार दोपहर को उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला।
आलोक कुमार ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 पूरे भारत में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक समानता का आदेश देता है। यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। केंद्र सरकार की सिफारिश पर लॉ कमीशन इस पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि यह जल्द पूरा हो। लेकिन समान नागरिक नियम लागू करने से पहले सबकी राय लेनी होगी।केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि विहिप विधि आयोग द्वारा समान नागरिक संहिता पर लिए गए निर्णय का स्वागत करता है। उन्होंने संविधान की कुछ धाराओं की व्याख्या भी की। उन्होंने कहा, एसटी समुदाय के साथ कुछ बाध्यताएं लगाई गई हैं। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यूसीसी लागू किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए नगालैंड में कोई केंद्रीय कानून तब तक पेश नहीं किया जा सकता जब तक वहां की विधानसभा उसका समर्थन न करे। आलोक कुमार ने उन सभी मुद्दों पर यूसीसी बनाने के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की, जिन पर ऐसे सभी दायित्वों के अनुपालन में सम्मानपूर्वक सहमति व्यक्त की जा सकती है।
विश्व हिंदू परिषद के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री दिनेश तिवारी, दक्षिण-पूर्व क्षेत्र के अध्यक्ष शांतनु नाइक समेत सुप्रीम कोर्ट के वकील आलोक कुमार ने बताया कि दो दिवसीय योजना बैठक में मणिपुर में हुई हिंसक घटना पर काफी चर्चा हुई। वहां शांति बहाल करना पहली प्राथमिकता है। आज भी कैंप में 300 से ज्यादा शिविरों में स्थानीय निवासी हैं। वे सभी निवासी कमाने में सक्षम नहीं हैं, उनके बच्चे भी शिक्षा से वंचित हैं। इसलिए वहां शांति का माहौल वापस लाने का प्रयास किया जाना चाहिए ताकि वे अपना घर बना सकें और आरामदायक जीवन जी सकें।
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी मणिपुर में राहत शिविरों में जाकर सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा जितने भी मंदिर तोड़े गए हैं, उन मंदिरों के पुनर्निर्माण के बारे में देश के संपूर्ण हिंदू संगठन ने विचार किया है। आलोक कुमार ने कहा, योजना बैठक में अफीम की खेती और नशीली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने की मांग उठाई गयी।
आलोक कुमार के मुताबिक 1991 की जनगणना के मुताबिक ईसाइयों की आबादी 5 फीसदी से भी कम थी। 2001 में यह बढ़कर 15 प्रतिशत हो गयी। इस प्रकार ईसाइयों की जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, दरअसल ये ईसाई समुदाय के लोग नहीं हैं। ये ईसाई धर्म में परिवर्तित लोग हैं। ईसाई मिशनरियां मुफ्त शिक्षा, नौकरी समेत कई तरह के प्रलोभन देकर आसानी से हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करा रही हैं। इसके मद्देनजर आलोक कुमार ने धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने के साथ-साथ पारंपरिक धर्म के बच्चों को सरकारी सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में विश्वास जगाने के लिए बजरंग दल 31 सितंबर से 15 अक्टूबर तक देशव्यापी शौर्य रथ यात्रा निकालेगा। इससे हिंदू युवा जागृत होंगे। साथ ही समाज में यह संदेश जाएगा कि हिंदू समाज संगठित और मजबूत है। इससे उन लोगों को भी संदेश जाएगा जो हिंदुओं को दूसरे धर्म में जाने के लिए प्रलोभन देते हैं कि धर्म परिवर्तन कोई आसान बात नहीं है। इसके अलावा, उस अवधि के दौरान, संत पदयात्रा करेंगे।
आलोक कुमार ने कहा कि जनवरी 2024 में भगवान श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में पुनः स्थापना होगी। इसमें पूरे क्षेत्र के कुओं, तालाबों आदि से 200 मिलीलीटर पानी भेजा जाएगा। उस जल के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के जल से भी भगवान राम का अभिषेक किया जाएगा।
रविवार शाम 4 बजे गुजरात के बटद्रवा ज्ञान आश्रम के मठाधीश 108वें विवेकानन्द सरस्वती महाराज एवं चित्त महाराज ने बौद्धिक दिया। दो दिवसीय दक्षिण-पूर्व क्षेत्र योजना बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दक्षिण असम क्षेत्र के प्रांत चालक ज्योत्सनामोय चक्रवर्ती, मातृशक्ति केंद्रीय संयोजक मीनाक्षी ताई, दक्षिण-पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री पूर्णचंद्र मंडल, सचिव स्वपन शुक्लबैद्य, त्रिपुरा उप-प्रांत के संगठन मंत्री महेंद्र पाल सिंह, उप-प्रांत सचिव शंकर रॉय सहित अन्य लोग शामिल हुए। योजना बैठक में त्रिपुरा उप-प्रांत, मणिपुर उप-प्रांत, मिजोरम उप-प्रांत, दक्षिण-पूर्व प्रचार और विस्तार प्रमुख शमीन्दर पाल एवं असम के बराक घाटी के तीन जिलों एवं डिमा हसाउ जिला के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिदुस्थान समाचार/अरविंद