कांग्रेस ने मणिपुर में दो घाटी आधारित संगठनों पर राज्य में भय और आतंक फैलाने का आरोप लगाया है जो आरएसएस और बजरंग दल की तर्ज पर हैं।

कांग्रेस ने मणिपुर में दो घाटी आधारित संगठनों पर राज्य में भय और आतंक फैलाने का आरोप लगाया है जो आरएसएस और बजरंग दल की तर्ज पर हैं।
नई दिल्ली में मीडिया को ब्रीफ करते हुए मणिपुर कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने अरंबाई तेंगगोल और मेइतेई लीपुन की तुलना आरएसएस और बजरंग दल से की। उन्होंने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह द्वारा अरामबाई तेंगगोल और मेइतेई लेपुन दोनों क्षेत्रों को कथित रूप से ‘उकसाया’ गया है।
इसके अलावा कांग्रेस नेता ने कहा है कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में बड़े पैमाने पर हिंसा पूर्व नियोजित लगती है। कांग्रेस पार्टी ने आगे मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए कहा कि भाजपा सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रही है।
कांग्रेस ने कहा कि हिंसा प्रभावित राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना जरूरी है।
दास ने कहा, मणिपुर में भाजपा सरकार हिंसा रोकने या प्रभावित लोगों को बचाने और राहत शिविरों में रहने वालों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में विफल रही है।
कांग्रेस पार्टी ने मणिपुर में हुई हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है।
प्रधानमंत्री ने मणिपुर के बारे में ट्वीट भी नहीं किया है। क्या भारत सरकार भी मौजूद है? गुरुवार (11 मई) को मीडिया को जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता भक्त चरण दास से सवाल किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी तक मणिपुर राज्य का दौरा क्यों नहीं किया है? प्रधानमंत्री ने शांति की अपील क्यों नहीं जारी की?”
दास ने कहा, मणिपुर में भाजपा सरकार हिंसा रोकने या प्रभावित लोगों को बचाने और राहत शिविरों में रहने वालों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में विफल रही है।
कांग्रेस पार्टी ने मणिपुर में हुई हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है।
प्रधानमंत्री ने मणिपुर के बारे में ट्वीट भी नहीं किया है। क्या भारत सरकार भी मौजूद है? गुरुवार (11 मई) को मीडिया को जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता भक्त चरण दास से सवाल किया।
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