टीम सोमवार को गुवाहाटी के लिए रवाना

शंकरी चौधुरी, हाइलाकांदी, 8 अप्रैल:
बिहू नृत्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए असम सरकार ने एक विशेष पहल की है। अगले 14 अप्रैल को गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में 11 हजार 125 कलाकार पहली बार बिहू नृत्य से हाथ मिलाएंगे और एक नई रिकॉर्ड बनेगा। सम्प्रति लचित बरफुकन के 400 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक निबंध लेखन प्रतियोगिता में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में असम ने स्थान हासिल किया। और इस बार असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा शर्मा ने असम के पारंपरिक लोकनृत्य बिहू को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कदम और आगे ले जाने के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसका उद्देश्य ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के पन्नों में बिहू नृत्य का नाम स्थान कराना है। असम के मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि देश के प्रधानमंत्री के साथ भारत के हर राज्य के मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए राज्य संस्कृति विभाग ने गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम को अनुष्ठान स्थल के लिए चयन किया है।इस खूबसूरत आयोजन का पूरे राज्य में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस नृत्यानुष्ठान में राज्य के प्रत्येक जिले के साथ बराक घाटी के 60 कलाकार भाग लेंगे। इसमें से हाइलाकांदी जिले के 20 कलाकारों की एक समूह बिहू नृत्य में शामिल होगा, हाइलाकांदी जिला प्रशासन सूत्र से यह जानकारी मिली। हाइलाकांदी के नोडल अधिकारी एडीसी ज्योतिर्मय दैमारी ने बताया कि शनिवार को हाइलाकांदी के विक्टोरिया मेमोरियल स्कूल मैदान में ड्रेस रिहर्सल पूरी की गई। अगले 10 अप्रैल को नृत्य कलाकारों का टिम हाइलाकांदी से गुवाहाटी के लिए रवाना होगी। इधर हाइलाकांदी के कलाकारों ने पहली बार इतने बड़े बिहू नृत्य कार्यक्रम के लिए खुद को तैयार करने के लिए पिछले कुछ दिनों से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हाइलाकांदी के दायित्वप्राप्त जिला सांस्कृतिक अधिकारी एल सारि लुंगथाई ने बताया कि 15 से 35 वर्ष की उम्र के लड़कों और लड़कियों को इसमें भाग लेने का मौका मिला है। माजुली के चार मास्टर ट्रेनर यहां कलाकारों को प्रशिक्षण दिया हैं। इसके अलावा सहायक आयुक्त मूर्छना मालाकार एवं जिला खेल अधिकारी झिमली बरा ने भी बिहू नृत्य के विभिन्न पहलुओं को शिखाने में सहयोग किया।