
यशवन्त पांडेय, शिलकुड़ी 31 मार्च। एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत एनआईटी शिलचर में युवा संगम का आयोजन किया जा रहा है। पूर्वोत्तर की संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं आदि के बारे में जानने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र-छात्रा एनआईटी शिलचर उपस्थित हुए हैं। युवा संगम कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को एनआईटी शिलचर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनआईटी शिलचर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर रजत गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के युवा संगम कार्यक्रम के तहत जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय और इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 50 छात्रों और पांच प्रोफेसर शुक्रवार दोपहर को एनआईटी शिलचर पहुंचे। एनआईटी शिलचर की ओर से उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया गया। 50 छात्रों के साथ-साथ पांच प्रोफेसरों को असमिया गमछा और स्थानीय उत्तरीय देकर सम्मानित किया गया और माल्यार्पण किया गया। एनआईटी शिलचर के तरफ से जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता का नाम ही भारत है। भारत के विभिन्न हिस्सों में अनेकों लोगों में पूर्वोत्तर के बारे में कई विचार हैं। पूर्वोत्तर में अनेकों संस्कृतियां हैं, लेकिन अभी भी भारत में बहुत से लोग अनजान हैं। इसलिए, भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा संगम कार्यक्रम के तहत एक भारत श्रेष्ठ भारत जो है इसे जानने के लिए सुअवसर प्रदान किया है। युवा संगम के चलते ही भारत के विभिन्न हिस्सों से आये हुए छात्र-छात्रा उत्तर पूर्व की कला, संस्कृति, सभ्यता, पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर संवाद के बारे में जान रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनआईटी शिलचर को जेएनयू यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ एनआईटीटीआर के साथ फेयर इंस्टीट्यूट बनाया गया है। इसी कड़़ी
में आज जेएनयु समेत दिल्ली के सभी विश्वविद्यालय से छात्र-छात्रा उपस्थित हुए। उन्होंने कहा, इस बार दूसरे चरण में, जेएनयू सहित दिल्ली के सभी विश्वविद्यालयों के कुल 50 छात्र और पांच प्रोफेसर आज दोपहर एनआईटी शिलचर शिलचर में उपस्थित हुए हैं। एनआईटी शिलचर में 3 अप्रैल को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में असम के बिहू नृत्य और बराक घाटी के धामाइल नृत्य, दक्षिण भारत के नृत्यों समेत यहां के विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से यहां की संस्कृति का उजागर किया जाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में एनआईटी सिलचर के रजिस्ट्रार के एल वैष्णव ने कहा कि यह भारत सरकार का एक बड़ा कदम है, पूर्वोत्तर की संस्कृति और सभ्यता को जानने के लिए भारतीय छात्रों की यात्रा के लिए की गई व्यवस्था सराहनीय है। प्रेस कांफ्रेंस में जेएनयू से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनामिका ने कहा, “एनआईटी शिलचर में आकर बहुत अच्छा लगा, हम जेएनयू सहित दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभारी हैं। अगले पांच दिनों में यहां की संस्कृति और सभ्यता को जानने का प्रयास करेंगे। एनआईटी शिलचर यूथ संगम कार्यक्रम के समन्वयक डॉ बिप्लब दास ने कहा कि एनआईटी के विभिन्न प्रयोगशाला छात्रों को कल दिखाया जाएगा, और रविवार को असम विश्वविद्यालय और भारत के एकमात्र कार्बन न्युट्रेल वेस्ट जांलेगा चाय बागान में ले जाया जाएगा। तीसरे दिन वायुसेना स्टेशन और वोरलव्यू इको पार्क को दिखाया जाएगा। चौथे दिन हाफलांग ले जाकर वहां के पर्यटन से परिचित कराया जाएगा।
चित्र एकफ्रेम में आने हुए छात्रों और प्रोफेसरों के साथ एनआईटी सिलचर के निदेशक प्रो. रजत गुप्ता।