काछार में चुनावी प्रिंटिंग नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य

काछार में चुनावी प्रिंटिंग नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य

शिलचर, 18 मार्च: आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को देखते हुए कछार जिला प्रशासन ने चुनाव संबंधी सामग्री के मुद्रण और प्रकाशन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश की धारा 127A के प्रावधानों के तहत जारी किए गए हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या संस्था चुनावी पंपलेट, पोस्टर या अन्य प्रचार सामग्री तब तक नहीं छाप सकती, जब तक उस पर मुद्रक और प्रकाशक दोनों के नाम व पते स्पष्ट रूप से अंकित न हों। इसके साथ ही, प्रकाशक द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) दो परिचित व्यक्तियों द्वारा सत्यापित कर, दो प्रतियों में मुद्रक को देना अनिवार्य होगा।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि मुद्रण के बाद इस घोषणा-पत्र की एक प्रति तथा छपी हुई सामग्री की एक प्रति संबंधित प्राधिकारी को भेजना आवश्यक होगा। राज्य की राजधानी में छपाई होने पर यह प्रति मुख्य निर्वाचन अधिकारी को, जबकि अन्य स्थानों पर जिला दंडाधिकारी को भेजी जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मैन्युअल कॉपी को छोड़कर किसी भी प्रकार से दस्तावेजों की प्रतिलिपि बनाना ‘मुद्रण’ की श्रेणी में आएगा। चुनावी पंपलेट और पोस्टर में वे सभी सामग्री शामिल हैं, जो किसी उम्मीदवार या समूह के पक्ष या विपक्ष में प्रचार करती हैं, चुनावी सभाओं की जानकारी देती हैं या एजेंटों व कार्यकर्ताओं को निर्देश प्रदान करती हैं।

इन प्रावधानों के उल्लंघन पर अधिकतम छह माह तक की सजा, 2,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन करें और निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने में सहयोग दें।

यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बराक घाटी क्षेत्र, सिलचर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।

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