भक्तों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार का विस्तार, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था
शिलचर, 1 नवंबर। बराक घाटी की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक श्मशान काली पूजा आगामी 8 नवंबर को शिलचर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ आयोजित की जाएगी। पूजा आयोजन समिति की ओर से शिलचर सहित आसपास के सभी श्रद्धालुओं से मां श्यामा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना में शामिल होने की अपील की गई है।
समिति की ओर से आयोजित पत्रकार सम्मेलन में बताया गया कि इस वर्ष 8 नवंबर को पूजा के दिन शाम से मां की पूजा-अर्चना शुरू होगी। इस दिन कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। रात्रि 11 बजे के बाद श्रद्धालुओं के लिए पुष्पांजलि शुरू होगी, जो भोर तक जारी रहेगी। पूजा का समापन लगभग रात्रि 2 बजे होने की संभावना है।
पूजा के उपलक्ष्य में 9 नवंबर को नूपुर सांस्कृतिक संस्था की ओर से ‘श्मशाने जागिछे श्यामा’ नामक नाटक का मंचन किया जाएगा। वहीं, 10 नवंबर को त्रिपुरा के अगरतला से आमंत्रित प्रसिद्ध कलाकार रतन बाउल एवं लालन कन्या द्वारा बाउल संगीत प्रस्तुत किया जाएगा।
समिति ने बताया कि पूजा के पहले दिन श्रद्धालुओं के लिए श्यामासंगीत प्रस्तुत करने हेतु मुक्त मंच की व्यवस्था रहेगी। इच्छुक कलाकार इस मंच पर अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। इसके लिए समिति की ओर से मंच एवं ध्वनि व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
9 नवंबर की भोर 4 बजे से महाप्रसाद वितरण
श्रद्धालुओं के लिए 9 नवंबर की सुबह 4 बजे से खिचड़ी महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था रहेगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था
पिछले वर्ष पूजा के दौरान लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी। इस बार संभावित भारी भीड़ को देखते हुए समिति ने व्यापक तैयारियां की हैं। पुराने छोटे प्रवेश द्वार को तोड़कर बड़ा बनाया गया है। इसके अलावा, बीच में डिवाइडर लगाकर महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ नियंत्रण एवं सुचारु आवागमन के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। श्रद्धालु एक ओर से प्रवेश करेंगे और दक्षिण दिशा की ओर से बाहर निकलेंगे।
प्रतीकात्मक बलि की व्यवस्था
पूजा के दौरान समिति की ओर से प्रतीकात्मक बलि की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इच्छुक श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार बलि अर्पित कर सकेंगे।
पत्रकार सम्मेलन में विमलेंदु राय, मनीष चक्रवर्ती, हीरक चौधरी, नंदन चौधरी, शंकर दास, ऑलिव भट्टाचार्य सहित पूजा समिति के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।