नाम की ईसाईयत

नाम की ईसाईयत सम्माननीय मित्रों ! एक छोटी सी वार्ता जो ह्रदय में शूल की तरह चुभती है ! उपहास जैसी लगती है किन्तु बहुत बडे धोखे की इससे दुर्गन्ध आती है ! मेरे पाकगृह का पीढा टूट गया था किसी ने कहा आप-“कार पेंटर” को बुलाओ ! मैं आश्चर्यचकित होकर बोला कि ये #कारपेंटर … Read more

हैदराबाद में संरक्षित भारत की हजारों वर्षों पुरानी चिकित्सा धरोहर

हैदराबाद में संरक्षित भारत की हजारों वर्षों पुरानी चिकित्सा धरोहर – रत्नज्योति दत्ता –    नई दिल्ली, 30 मार्च: भारत की समृद्ध चिकित्सीय परंपरा की हजारों वर्षों पुरानी धरोहर—जो दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों और प्राचीन अवशेषों में सुरक्षित है—राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा संपदा संस्थान (National Institute of Indian Medical Heritage) में संरक्षित की जा रही है। यह संस्थान देश में स्वास्थ्य परंपराओं के विकास की एक अनूठी और व्यापक झलक प्रस्तुत करता है। हैदराबाद स्थित इस संस्थान में 900 से अधिक चिकित्सीय-ऐतिहासिक अवशेष सुरक्षित हैं, जिनमें से कई लगभग एक हजार वर्ष पुराने हैं। इनमें ताड़पत्र, कागज, वृक्ष की छाल, वस्त्र तथा धातु की पट्टिकाओं पर लिखे हस्तलिखित ग्रंथ शामिल हैं। ये विभिन्न कालखंडों में चिकित्सा ज्ञान के संकलन और प्रसार के विविध माध्यमों को दर्शाते हैं। आयुर्वेदिक ऐतिहासिक छापों का प्रदर्शन (SAHI) 2.0 पहल के अंतर्गत संस्थान अपने संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्य का विस्तार कर रहा है। केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित साही पोर्टल आयुर्वेद की प्राचीनतम अवस्था से लेकर वर्तमान तक की विस्तृत यात्रा को प्रस्तुत करता है। साथ ही, यह अन्य सभ्यताओं के साथ भारत के चिकित्सीय संपर्क और आदान-प्रदान को भी रेखांकित करता है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “भारत की चिकित्सीय विरासत केवल गर्व का विषय नहीं, बल्कि ज्ञान की एक सतत प्रवाहमान धारा है।” साही परियोजना के सहायक निदेशक एवं प्रमुख अन्वेषक डॉ. गोली पेंचला प्रसाद ने बताया, “हस्तलिखित ग्रंथ वे रचनाएं हैं जो कागज, छाल, वस्त्र, धातु या ताड़पत्र जैसे माध्यमों पर लिखी जाती हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रंथ प्रायः मंदिरों, मठों तथा पारंपरिक वैद्यों के पारिवारिक संग्रहों में प्राप्त होते हैं। “इतिहास के दृष्टिकोण से साही का उद्देश्य भारत के चिकित्सीय अतीत का सम्यक् पुनर्निर्माण करना और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व अभिलेखों में उल्लिखित शिलालेखों का पता लगाकर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि उन्हें शोधार्थियों और आम जन के लिए सुलभ बनाया जा सके,” उन्होंने कहा। डॉ. गोली पेंचला प्रसाद ने 23 मार्च को संस्थान के दौरे पर आए दिल्ली के मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। उल्लेखनीय खोजों में चालुक्य वंश के राजा विक्रमादित्य प्रथम के काल का 1,660 वर्ष पुराना ताम्रपत्र अभिलेख शामिल है, जो वर्तमान आंध्र प्रदेश में प्राप्त हुआ था। यह दर्शाता है कि उस समय वैद्यों को विशेष प्रशासनिक अधिकार प्राप्त थे। ऐतिहासिक स्रोत प्रसिद्ध वैद्य जीवक का भी उल्लेख करते हैं, जो भगवान बुद्ध और राजा बिंबिसार के चिकित्सक थे, जिससे भारत में संगठित चिकित्सा परंपरा की प्राचीनता स्पष्ट होती है। “साही 2.0 जैसी पहलें इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर सुलभ बनाएंगी और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने में सहायक होंगी,” मंत्री ने कहा। पृष्ठभूमि: इस संस्थान की स्थापना की परिकल्पना वर्ष 1944 की भोर समिति की सिफारिशों से हुई थी, जिसने चिकित्सा इतिहास के लिए एक समर्पित संस्थान की आवश्यकता बताई थी। वर्ष 1956 में इसे आंध्र मेडिकल कॉलेज, विशाखापत्तनम में स्थापित किया गया और बाद में हैदराबाद स्थानांतरित कर दिया गया। समय के साथ यह भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद सहित विभिन्न संस्थाओं के अधीन रहा और वर्ष 2009 में इसे वर्तमान स्वरूप प्रदान किया गया। आज एनआईआईएमएच में 10,000 से अधिक पुस्तकें, 285 हस्तलिखित ग्रंथ तथा एक विशेष चिकित्सीय-ऐतिहासिक संग्रहालय उपलब्ध है, जो इसे भारत की चिकित्सा धरोहर के प्रमुख केंद्रों में स्थान दिलाता है।

बिन्नाकांडी की पूर्व ग्राम पंचायत अध्यक्ष गीता रानी ग्वाला का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

बिन्नाकांडी की पूर्व ग्राम पंचायत अध्यक्ष गीता रानी ग्वाला का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर बिन्नाकांडी, 22 मार्च 2026: बिन्नाकांडी चाय बागान क्षेत्र की सम्मानित समाजसेविका एवं बिन्नाकांडी ग्राम पंचायत की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती गीता रानी ग्वाला का रविवार तड़के लगभग 3 बजे उनके आवास पर निधन हो गया। वह 75 वर्ष की थीं। उनके निधन … Read more

*शब्दवीणा के तृतीय स्थापना दिवस पर ‘राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं पुस्तक लोकार्पण’ समारोह का हुआ आयोजन*

*शब्दवीणा के तृतीय स्थापना दिवस पर ‘राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं पुस्तक लोकार्पण’ समारोह का हुआ आयोजन* *- कवि सम्मेलन में वरिष्ठ कवि अरुण अपेक्षित की गीत नाटिका ‘बुंदेला हरदौल’ का हुआ अविस्मरणीय लोकार्पण* गया जी। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘शब्दवीणा’ द्वारा 30 मार्च को मनाए जा रहे तृतीय स्थापना दिवस समारोह के तहत शब्दवीणा … Read more

बरम बाबा मंदिर में अमित कलवार का शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों का दावा—“भारी मतों से होगी जीत”

बरम बाबा मंदिर में अमित कलवार का शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों का दावा—“भारी मतों से होगी जीत” शिवकुमार, शिलकुड़ी, 30 मार्च: ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बरम बाबा मंदिर परिसर में रविवार को विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र एक भव्य धार्मिक आयोजन के साथ राजनीतिक सक्रियता भी देखने को मिली। संभावित उम्मीदवार अमित कलवार ने अपने समर्थकों के साथ विशेष विष्णु … Read more

बड़खोला में आमिर लाल ग्वाला बने पर्यवेक्षक, युवा कांग्रेस ने तेज की चुनावी तैयारियां

बड़खोला में आमिर लाल ग्वाला बने पर्यवेक्षक, युवा कांग्रेस ने तेज की चुनावी तैयारियां काछार, 30 मार्च: आगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर काछार जिला युवा कांग्रेस समिति ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। अध्यक्ष रणजीत देबनाथ की स्वीकृति के अनुसार, काछार जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए जिला युवा … Read more

गुरुचरण विश्वविद्यालय में NSS का 7 दिवसीय विशेष शिविर संपन्न, रक्तदान व मतदाता जागरूकता जैसे कार्यक्रमों से जागरूकता का संदेश

गुरुचरण विश्वविद्यालय में NSS का 7 दिवसीय विशेष शिविर संपन्न, रक्तदान व मतदाता जागरूकता जैसे कार्यक्रमों से जागरूकता का संदेश शिलचर, 30 मार्च: गुरुचरण विश्वविद्यालय के एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) प्रकोष्ठ द्वारा 23 मार्च से 30 मार्च तक 7 दिवसीय विशेष शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, … Read more

हाइलाकांदी में हिंदू बहुमत के बावजूद कांग्रेस की चुनौती—क्या समीकरण पलट सकता है चुनाव?

हाइलाकांदी में हिंदू बहुमत के बावजूद कांग्रेस की चुनौती—क्या समीकरण पलट सकता है चुनाव? प्रेरणा ब्यूरो, हाइलाकांदी | 30 मार्च डीलिमिटेशन के बाद बदले सामाजिक-सांख्यिकीय समीकरणों के बीच हाइलाकांदी विधानसभा सीट इस बार बेहद दिलचस्प मुकाबले की ओर बढ़ रही है। कागज़ पर यह सीट अब हिंदू बहुल (लगभग 60%+) मानी जा रही है, लेकिन … Read more

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ में विशाल रोड शो का नेतृत्व किया

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ में विशाल रोड शो का नेतृत्व किया डिब्रूगढ़: सोमवार शाम को डिब्रूगढ़ का ‘चाय शहर’ (Tea City) पूरी तरह से थम सा गया, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक विशाल रोड शो का नेतृत्व किया। इस रोड शो ने आने वाले चुनावों से पहले ऊपरी असम में BJP … Read more

सोनोवाल ने “दशकों की उपेक्षा” को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, BJP को असमिया पहचान और विकास का रक्षक बताया

सोनोवाल ने “दशकों की उपेक्षा” को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, BJP को असमिया पहचान और विकास का रक्षक बताया (“कांग्रेस-युग की उपेक्षा से लेकर मोदी के नेतृत्व में पुनरुद्धार तक, असम अब पूर्वी भारत के विकास का इंजन बन गया है; घोषणाओं से लेकर उन्हें पूरा करने तक, BJP का शासन लोगों का भरोसा … Read more